Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » मंदिर-मस्जिदों पर लगेंगे बाल विवाह रोकने के संदेश वाले बोर्ड! मुजफ्फरनगर में ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियां बनाने की पहल

मंदिर-मस्जिदों पर लगेंगे बाल विवाह रोकने के संदेश वाले बोर्ड! मुजफ्फरनगर में ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियां बनाने की पहल

Facebook
Twitter
WhatsApp

मुजफ्फरनगर। जनपद में बाल विवाह की रोकथाम और बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सामाजिक संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र एवं Just Right for Children की टीम ने पहल की है। संस्था की ओर से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों के गठन और संस्था के सहयोग से बाल संरक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया। जिलाधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए संस्था के प्रतिनिधियों की बात सुनी।

संस्था की ओर से बाल विवाह की रोकथाम को लेकर धार्मिक स्थलों पर जागरूकता संबंधी नोटिस बोर्ड लगाए जाने तथा इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जाने का विषय भी जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया। संस्था का उद्देश्य है कि मंदिर, मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर स्पष्ट संदेश वाले नोटिस बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोगों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा सके।

इस पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि धार्मिक स्थलों पर नोटिस बोर्ड लगाए जाने के संबंध में सुझाव दिया कि इस विषय में संबंधित धार्मिक समितियों और धार्मिक प्रतिनिधियों से संपर्क स्थापित कर आवश्यक सहयोग लिया जाए तथा जागरूकता अभियान चलाया जाए।

संस्था की ओर से इसी विषय को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर को भी ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम के लिए कानूनी जागरूकता बढ़ाने और ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इसके साथ ही संस्था की टीम ने पुलिस लाइन, मुजफ्फरनगर स्थित कार्यालय पुलिस अधीक्षक अपराध में आयोजित समीक्षा बैठक में भी प्रतिभाग किया। बैठक में बाल संरक्षण, बाल विवाह की रोकथाम तथा बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

ALSO READ THIS :  मुजफ्फरनगर में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर गांव-गांव अभियान, बाल संरक्षण समितियों का गठन

बैठक में संस्था की ओर से बाल अधिकारों और बाल संरक्षण के क्षेत्र में पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने जनपद के सभी थानों में बाल अधिकारों और बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संस्था का सहयोग लेने की बात कही। इससे बाल संरक्षण से संबंधित मामलों में पुलिस और सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वय को और मजबूत किए जाने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करने से बच्चों से जुड़े मामलों की पहचान और समय रहते हस्तक्षेप में मदद मिल सकती है। वहीं धार्मिक स्थलों के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने से समाज के विभिन्न वर्गों तक संदेश पहुंचाने में भी सहयोग मिल सकता है।

संस्था की ओर से कहा गया कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज, धार्मिक संस्थाओं, ग्राम पंचायतों, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी के सामूहिक प्रयास से बच्चों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति से बचाने के साथ उनके अधिकारों और सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित किया जा सकता है।

इस पूरे कार्यक्रम एवं बैठक में संस्था की ओर से गौरव कुमार और राहुल सिंह ने प्रतिभाग किया। संस्था ने आगे भी बाल संरक्षण, बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों के अधिकारों को लेकर प्रशासन, पुलिस, विधिक सेवा प्राधिकरण तथा ग्राम स्तर की समितियों के साथ मिलकर कार्य करने की बात कही।

ALSO READ THIS :  मुजफ्फरनगर के मदरसे में गूंजा देशभक्ति का संदेश: हाथों में तिरंगा लेकर बच्चों ने मनाया स्वतंत्रता दिवस, उलमाओं ने बच्चों को आजादी के संघर्ष, राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया
[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें