नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। शुभ कार्य, यात्रा, निवेश और पूजा-पाठ जैसे कार्यों से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग हिंदू काल-गणना की वह पद्धति है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण और ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन के शुभ-अशुभ समय की जानकारी मिलती है।
प्रदोष व्रत पर शिव आराधना का विशेष महत्व
8 अक्टूबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष रहने वाला है। इस दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रहेगी और प्रदोष व्रत रखा जाएगा। भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल को विशेष शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस समय श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात 10:16 बजे तक रहेगी। गुरुवार होने के कारण यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
नक्षत्र, योग और करण
8 अक्टूबर को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 9 अक्टूबर की सुबह 6:32 बजे तक रहेगा। वहीं वरियान योग रात 3:41 बजे तक रहेगा। कौलव करण सुबह 8:46 बजे तक रहेगा।
प्रदोष पूजा का मुहूर्त
प्रदोष व्रत में शाम के समय भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। 8 अक्टूबर को प्रदोष काल शाम 5:59 बजे से रात 8:27 बजे तक रहेगा। इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक, पूजन और दीप प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है।
भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित कर भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।
अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल
8 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर 1:29 बजे से 2:55 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 9:03 बजे से 10:29 बजे तक और यमगंड काल सुबह 6:17 बजे से 7:43 बजे तक रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
दिन की शुरुआत सुबह 6:19 बजे सूर्योदय के साथ होगी, जबकि सूर्यास्त शाम 5:47 बजे होगा। चंद्रोदय 9 अक्टूबर की सुबह 2:48 बजे और चंद्रास्त शाम 4:28 बजे होगा।
दक्षिण दिशा में दिशाशूल
पंचांग के अनुसार, गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश यात्रा आवश्यक हो तो मान्यता के अनुसार उचित उपाय करने के बाद यात्रा शुरू की जा सकती है।
8 अक्टूबर 2026 के प्रमुख समय
त्रयोदशी तिथि: रात 10:16 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 5:59 बजे से रात 8:27 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 1:29 बजे से 2:55 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:03 बजे से 10:29 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 6:17 बजे से 7:43 बजे तक
सूर्योदय: सुबह 6:19 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:47 बजे
दिशाशूल: दक्षिण दिशा

