
पांच दिन में पांच लावारिस शवों का अंतिम संस्कार: मुज़फ़्फ़रनगर में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मिली थी लाशें, मृतकों के धर्म के अनुसार पूरे विधि-विधान से दी अंतिम विदाई
मुज़फ़्फ़रनगर। जनपद में पिछले पांच दिनों के दौरान पांच लावारिस शव मिले। पांच अलग-अलग मौतें और पांच ऐसे अंतिम सफर, जिनमें अपनों की जगह क्रांतिकारी शालू सैनी ने परिवार की जिम्मेदारी निभाई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सूचना मिलने पर शालू सैनी ने पांचों मृतकों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई। मृतकों का जिस धर्म से संबंध था, उसी के अनुसार धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। पांच दिनों में पांच लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कराना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन पांच लोगों की अंतिम यात्रा की कहानी है, जिन्हें विदाई देने के लिए कोई अपना मौजूद नहीं था।

























