नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास स्थित है। इसके प्रभाव से संबंधित इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला चक्रवाती परिसंचरण
आईएमडी के अनुसार कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। मौसम विभाग इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है और इसके प्रभाव वाले तटीय तथा आसपास के राज्यों के लिए मौसम संबंधी चेतावनियां जारी की गई हैं।
60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी और मध्य बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने की संभावना है। बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास भी हवाओं की रफ्तार बढ़ सकती है।
इस दौरान हवा की सामान्य गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है, जबकि झोंकों के साथ इसकी रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में समुद्र में ऊंची लहरों और प्रतिकूल परिस्थितियों का खतरा बना रहेगा।
समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने का अनुमान
आईएमडी ने अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी और मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने का अनुमान जताया है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।
बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। समुद्र में पहले से मौजूद लोगों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना
कम दबाव के क्षेत्र का सबसे ज्यादा असर ओडिशा के मौसम पर पड़ने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का जोर
गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके चलते निचले क्षेत्रों और जलभराव वाले इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत होगी।
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी असर
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
तेलंगाना में भी कुछ ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान है। यहां कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है और कुछ स्थानों पर तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का पूर्वानुमान
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का प्रभाव मध्य प्रदेश तक दिखाई देने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार शुक्रवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रभावित राज्यों में स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। खासकर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और समुद्र से जुड़े काम करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

