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मुजफ्फरनगर के ग्रामीण बैंक से ‘15-20 करोड़’ गायब, पूरा स्टाफ सस्पेंड: 60% खातों में फ्रॉड, 6 महीने से हाथ से हो रही थी एंट्री, तीसरे दिन भी जमकर हुआ हंगामा, अब तक 80 लिखित शिकायतें

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मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के बुढ़ाना में डीएवी रोड स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में खातों से करोड़ों की रकम गायब होने का मामला लगातार बड़ा होता जा रहा है। मंगलवार को लगातार तीसरे दिन खातेदारों ने बैंक के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से ही खाताधारी बैंक शाखा पर एकत्र होने लगे थे और दोपहर करीब 2 बजे तक उनका हंगामा जारी रहा।

बैंक में करीब 15 से 20 करोड़ रुपये के कथित गबन का दावा किया जा रहा है। ये भी दावा किया जा रहा है कि करीब 7,500 खातों वाली शाखा में लगभग 60 प्रतिशत खाताधारक इस कथित फ्रॉड के शिकार हुए हैं। बैंक में अब तक करीब 80 खातेदारों की लिखित शिकायतें पहुंचने की बात सामने आई है।

मामले में मंगलवार को शाखा में तैनात मैनेजर रूपक राणा (मुख्य आरोपित), कैशियर गौरव अग्रवाल और दो फील्ड ऑफिसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन के मुताबिक मामले की जांच चल रही है और 4 जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। साथ ही बैंक शाखा में नए स्टाफ की तैनाती भी की गई है।

इस पूरे मामले में खातेदारों के आरोपों ने बैंक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई पीड़ितों का कहना है कि पिछले करीब छह महीने से बैंक कर्मचारी खातों में एंट्री मशीन से करने के बजाय हाथ से कर रहे थे। खातेदारों के मुताबिक जब मशीन से एंट्री कराने की बात कही जाती थी तो उन्हें मशीन खराब होने की बात बताई जाती थी।

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मंगलवार को भी बैंक के बाहर खातेदारों की भीड़ जमा रही। पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। बुढ़ाना इंस्पेक्टर सुभाष अत्री ने खातेदारों से कहा कि यह सरकारी बैंक है और किसी का पैसा नहीं डूबेगा। उन्होंने सभी खातेदारों को भुगतान का भरोसा दिलाया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैंक के अंदर ले जाकर सीनियर मैनेजर नितिन वर्मा से उनकी बातचीत कराई।

बैंक प्रबंधन की ओर से खातेदारों को लिखित रूप से बताया गया कि सभी खातों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद खातेदारों को उनका पैसा नियमानुसार मिलने की बात कही गई। इसके बाद सड़क पर चल रहा प्रदर्शन समाप्त हुआ और जाम हटाया गया।

इसी दौरान बैंक के अंदर एक बुजुर्ग दंपति का दर्दनाक दृश्य सामने आया। उन्हें जानकारी मिली कि उनके खाते में जमा करीब 6 लाख रुपये उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद दोनों बैंक के अंदर ही जमीन पर बैठ गए। बुजुर्ग महिला भूरो रो पड़ीं। घटना ने वहां मौजूद दूसरे खातेदारों को भी झकझोर दिया।

बड़कता के प्रधान पति आशीष ने बताया कि उनके खाते में करीब 12 लाख रुपये जमा थे और उन्होंने बैंक में प्रार्थना पत्र के साथ खाते का स्टेटमेंट भी दिया है। वहीं फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के भाई शेख मोहम्मद अयाजुद्दीन लंबरदार उर्फ अयाजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि उनके मित्र मोहित त्यागी के खाते से भी करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। मोहित त्यागी, जो अधिवक्ता हैं, ने दावा किया कि उन्होंने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की एफडी कराई थी। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी के नाम बिना आवश्यक दस्तावेजों के कथित तौर पर 60 लाख रुपये का लोन भी कर दिया गया।

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सीनियर मैनेजर नितिन वर्मा ने बताया कि बैंक के आरएम यूसुफ खान और डीपी आरएम मंगलवार को एसएसपी से मिले और मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बैंक की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि सभी खातेदारों का पैसा सुरक्षित है और नियमानुसार सभी को भुगतान किया जाएगा। बैंक प्रबंधन की ओर से यह भी बताया गया है कि कथित गड़बड़ी के दौरान शाखा में तैनात स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है।

अब तक सामने आई शिकायतों और खातेदारों के दावों के आधार पर कथित गबन की रकम 15 से 20 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है, लेकिन अंतिम रकम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसी तरह 60 प्रतिशत खातों के प्रभावित होने का दावा भी जानकारों की ओर से किया जा रहा है। करीब 80 शिकायतें सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। बैंक के करीब 7,500 खातों की जांच में वास्तविक नुकसान और जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।

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