मुजफ्फरनगर। बाल अधिकारों, बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को सदर ब्लॉक क्षेत्र में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन संस्था और ग्रामीण समाज विकास केंद्र जीएसवीके की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर के साथ संयुक्त रूप से आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, संस्था कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया।
रैली के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह मुक्त भारत और बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश का संदेश देते हुए लोगों को जागरूक किया। हाथों में बैनर और जागरूकता संदेश लेकर कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति और बाल तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के खिलाफ लोगों को जागरूक किया।
रैली के माध्यम से ग्रामीण और स्थानीय लोगों को बताया गया कि बच्चों को कम उम्र में विवाह और श्रम में धकेलने के बजाय उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास किसी बच्चे के साथ बाल विवाह, बाल श्रम या किसी अन्य प्रकार का शोषण होने की जानकारी मिलती है तो मामले को छिपाने के बजाय तत्काल संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना दें।
गांव गांव जागरूकता अभियान पर जोर
संस्था सचिव मेहरचंद ने कहा कि भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत संस्था शासन, प्रशासन और न्याय विभाग के साथ मिलकर लगातार गांव गांव में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कहीं भी बाल विवाह या बाल श्रम की जानकारी मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दें। समय रहते सूचना मिलने से बच्चों को शोषण और जोखिम से बचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
बच्चों के अधिकारों को लेकर दिया संदेश
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने बच्चों के शिक्षा के अधिकार, सुरक्षित वातावरण में विकास और शोषण से संरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। लोगों को समझाया गया कि बाल विवाह और बाल श्रम बच्चों के भविष्य और उनके विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
आयोजकों ने कहा कि केवल सरकारी स्तर पर प्रयास करने से बाल विवाह और बाल श्रम जैसी समस्याओं को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए परिवार, समुदाय, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।
रैली में सदर ब्लॉक क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ संस्था के कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, उन्हें सुरक्षित वातावरण देने और उनके अधिकारों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

