मुज़फ़्फ़रनगर। पुरकाजी क्षेत्र के हरिनगर गांव में करीब 15 वर्षीय किशोरी को बुर्का पहनाकर ई-रिक्शा से गांव से बाहर ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। किशोरी को लेकर जाते समय गांव की एक महिला ने उसे पहचान लिया और शोर मचा दिया। आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो किशोरी के साथ मौजूद महिला वहां से फरार हो गई। घटना के बाद किशोरी के पिता ने पुरकाजी थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरिनगर निवासी किशोरी के पिता ने पुलिस को बताया कि 28 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे गांव की ही अफरोज पत्नी असलम उर्फ चूना उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाकर ले गई। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि वहां किशोरी को जान से मारने का भय दिखाया गया और इसके बाद उसे बुर्का पहना दिया गया।
पीड़ित पिता के मुताबिक, अफरोज किशोरी को ई-रिक्शा में बैठाकर गांव से बाहर ले जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान गांव की रहने वाली गुड्डन की नजर किशोरी पर पड़ी। उसने किशोरी को पहचान लिया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर गांव के ही अंकित समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों को आता देखकर अफरोज वहां से फरार हो गई। इसके बाद परिजनों ने डायल-112 को सूचना दी और किशोरी को लेकर पुरकाजी थाने पहुंचे। पिता ने पुलिस से आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे ASP सिद्धार्थ के. मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब किशोरी के बयान, घटनास्थल, ई-रिक्शा और मौके पर मौजूद लोगों की जानकारी के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी महिला की तलाश में जुटी है।

