जालंधर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे से कुछ घंटे पहले धमकी भरे ईमेल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को परागपुर इलाके में होने वाली अमित शाह की रैली से पहले कई स्कूलों को कथित तौर पर धमकी भरे ईमेल भेजे गए। ईमेल में रैली स्थल के अलावा स्कूल, श्री देवी तालाब मंदिर, अदालत परिसर और अन्य स्थानों पर आईईडी या बम धमाके की धमकी दी गई है। मामले की जानकारी सामने आते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
रिपोर्टों के मुताबिक धमकी भरे ईमेल में रैली के मंच के नीचे आईईडी रखे होने का दावा किया गया। इसके अलावा रैली में पहुंचने वाली बसों में भी विस्फोटक होने की बात कही गई। ईमेल में स्कूलों और श्री देवी तालाब मंदिर को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इन दावों की जांच कर रही हैं। अभी तक किसी विस्फोटक के वास्तव में बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई है।
धमकी में अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग समय पर विस्फोट करने की बात कही गई है। ईमेल में बेहद आपत्तिजनक और हिंसक भाषा का इस्तेमाल भी किया गया। इसमें कथित तौर पर अलगाववादी संगठनों के नामों का उल्लेख किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब ईमेल के स्रोत और इसे भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में जुटी हैं।
धमकी सामने आने के बाद रैली स्थल के साथ उन स्कूलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जिनका ईमेल में उल्लेख किया गया था। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। रैली स्थल पर पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन धमकी के बाद जांच और निगरानी और बढ़ा दी गई है।
अमित शाह बुधवार को जालंधर के परागपुर इलाके में भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं। रैली के लिए परागपुर में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल के लिए करीब 50 से 55 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जबकि अन्य रिपोर्टों में तैयारियों का क्षेत्र इससे अधिक बताया गया है। पंजाब के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है और करीब दो हजार बसों के आने की बात भी सामने आई थी।
धमकी से एक दिन पहले जालंधर में रेडक्रॉस भवन की दीवारों पर भी भाजपा और खालिस्तान से जुड़े नारे लिखे मिलने की सूचना सामने आई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कही थी। इन घटनाओं के बाद अमित शाह के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और बढ़ गई है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता रैली स्थल और आसपास के संवेदनशील स्थानों को सुरक्षित रखना है। धमकी भरे ईमेल की सत्यता की जांच की जा रही है और सुरक्षा बल हर संभावित खतरे को ध्यान में रखकर तलाशी अभियान चला रहे हैं। फिलहाल धमकी में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमित शाह की जालंधर रैली से पहले सामने आई इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। अब जांच एजेंसियां ईमेल की तकनीकी जांच के साथ यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमकी के पीछे कौन है और इसका उद्देश्य क्या है। रैली स्थल तथा ईमेल में बताए गए अन्य स्थानों पर सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

