मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार और अधिकारियों के साथ कई बार लिखित समझौते होने के बावजूद मांगें अब तक लागू नहीं हुई हैं। संगठन ने 7 अक्टूबर तक ठोस एवं लिखित निर्णय की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर 8 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार और हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
जिला अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने बताया कि वर्ष 2016 में हड़ताल और भूख हड़ताल के बाद तत्कालीन प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के साथ लिखित समझौता हुआ था। इसमें नियमित भर्तियों में एनएचएम कर्मचारियों को अतिरिक्त अंक देने की मांग शामिल थी। कर्मचारियों का कहना है कि करीब 10 साल बीतने के बाद भी इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ।
डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि वर्ष 2021 के आंदोलन के बाद भी लिखित समझौता हुआ था। इसमें हर तीन वर्ष पर 10 प्रतिशत लॉयल्टी बोनस और हर वर्ष 10 प्रतिशत इंक्रीमेंट देने की बात कही गई थी। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
महामंत्री मणिकांत त्यागी ने कहा कि बार-बार समझौते और आश्वासन के बावजूद मांगें लंबित रहने से कर्मचारियों में असंतोष है। कोषाध्यक्ष डॉ. फैसल सिद्दीकी ने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से कर्मचारी मंत्रियों और विधायकों से मिलकर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उनकी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया है। वहीं संगठन के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से फोन पर वार्ता कर मांगों के समाधान में सहयोग का आग्रह किया।
डॉ. सुदेश वर्मा ने कहा कि 7 अक्टूबर तक ठोस एवं लिखित निर्णय नहीं हुआ तो 8 अक्टूबर से प्रदेश के एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कर्मचारी कार्य बहिष्कार और हड़ताल पर जाएंगे। संगठन ने कहा कि वह सरकार से टकराव नहीं, बल्कि पूर्व में हुए लिखित समझौतों के क्रियान्वयन की मांग कर रहा है।

