मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित सम्राट इंटर कॉलेज के मामले में करीब सवा माह से जेल में बंद फिरोज और उस्मान को अदालत से जमानत मिल गई है। दोनों को पुलिस ने एक सितंबर को पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर रेलवे अंडरपास के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। वहीं, इसी मामले में नामजद डॉ. अबरार ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी वापस ले ली।
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले का है। 18 अगस्त को किशोरी का अपहरण कर उसके साथ मिमलाना ररोड स्थित सम्राट इंटर कॉलेज में सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपितों की तलाश में कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, एक सितंबर को पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर रेलवे अंडरपास के पास फिरोज और खालापार निवासी उस्मान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान फिरोज के पैर में गोली लगी थी। दोनों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया था।
इस मामले में फिरोज पर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है, जबकि उस्मान पर घटनास्थल के पास मौजूद रहने का आरोप लगाया गया था। दोनों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जमानत अर्जी दाखिल की थी। शुक्रवार को अदालत ने उनकी अर्जियां स्वीकार कर लीं। जमानत मिलने के बाद दोनों के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
इसी प्रकरण में नामजद डॉ. अबरार ने भी शुक्रवार को अपनी अग्रिम जमानत अर्जी वापस ले ली। इससे पहले इस मामले में आरोपित फेमस सेक्सोलॉजिस्ट डॉ सम्राट उर्फ इरशाद अली जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने प्रकरण में कुल सात आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इनमें मुख्य आरोपित नाजिम, इरशाद अली सम्राट, डॉ. आदिल सम्राट, चौकीदार नदीम और कामरान के नाम भी शामिल बताए गए हैं। अब फिरोज और उस्मान को जमानत मिलने तथा डॉ. अबरार की अर्जी वापस होने के बाद मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।

