देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून में ‘नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ स्वस्थ और शक्तिशाली उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित होने वाले वॉकथॉन और मैराथन जैसे कार्यक्रम समाज में चेतना लाने का काम करते हैं। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से नशे से दूर रहने तथा इस अभियान का संदेश घर-घर तक पहुंचाने की अपील की।
नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में उत्तराखंड में भी नशामुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवा, विद्यार्थी और नौजवान देश का भविष्य हैं। इसलिए उन्हें नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता अभियान और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि हर युवा, हर विद्यार्थी और हर परिवार तक नशे के नुकसान की जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वॉकथॉन जैसे आयोजन केवल शारीरिक गतिविधि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश भी दिया जाता है।
‘नशे को ना, जिंदगी को हां’ का संदेश घर-घर पहुंचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वॉकथॉन के माध्यम से नशे के खिलाफ व्यापक संदेश देने के साथ स्वस्थ और शक्तिशाली उत्तराखंड बनाने का संकल्प लिया जा रहा है। उन्होंने इस पहल को जनजागरूकता और सामाजिक आंदोलन बताते हुए कहा कि इसे सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे को ‘ना’ और जिंदगी को ‘हां’ का संदेश हर युवा तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इस संदेश को केवल कार्यक्रम में शामिल लोगों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए।
नशे की लत से युवाओं के सपनों पर पड़ता है असर
सीएम धामी ने कहा कि युवाओं के हाथों में किताबें और कंप्यूटर होने चाहिए। उन्हें खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा निखारनी चाहिए और मेहनत के जरिए अपने लक्ष्य हासिल करने चाहिए। लेकिन जब युवा नशे की गिरफ्त में आते हैं, तो उनके अपने सपनों के साथ परिवार की उम्मीदों को भी नुकसान पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि युवा किसी भी देश और समाज की ताकत होते हैं। यदि युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ेंगे, तो समाज और देश भी मजबूत होंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए नशामुक्त वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अंत्योदय की भावना से विकास कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है और प्रयास है कि किसी भी क्षेत्र में संसाधनों की कमी न रहे। सरकार अंत्योदय के सिद्धांत के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं पहुंचाना और प्रत्येक व्यक्ति के उत्थान के लिए काम करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है और सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
मजबूत युवा पीढ़ी से बनेगा मजबूत उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोई भी देश तभी मजबूत बन सकता है, जब उसकी युवा पीढ़ी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो। युवाओं के पास अच्छी शिक्षा, बेहतर कौशल और अच्छे संस्कार होने चाहिए। साथ ही उनका स्वस्थ रहना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी। ‘नशा मुक्त उत्तराखंड वॉकथॉन’ के जरिए इसी सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि जनभागीदारी से राज्य में नशे के खिलाफ जागरूकता को और मजबूती मिलेगी तथा युवा स्वस्थ और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे।

