लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव प्रदान किया है। अयोध्या का दीपोत्सव आज भारत और दुनिया के बीच सांस्कृतिक सेतु बन गया है। इसमें विभिन्न देशों के कलाकार अपनी भाषा और परंपराओं के माध्यम से रामकथा को जीवंत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच है कि पूरा प्रदेश ही उनका परिवार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अयोध्या के दीपोत्सव की सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्री अयोध्या जी का दीपोत्सव आज भारत और विश्व के बीच एक अद्भुत सांस्कृतिक रामसेतु बन गया है। श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के कलाकार अपनी भाषा और परंपराओं में रामकथा प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अनेक नदियां एक ही सागर में मिलती हैं, उसी तरह अलग-अलग संस्कृतियों की धाराएं अयोध्या में आकर रामत्व में समाहित हो जाती हैं। आधुनिक तकनीक इस सांस्कृतिक संगम को और भव्य बना रही है। इससे नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
सपा पर निशाना, परिवारवाद को लेकर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोगों की सांस्कृतिक सोच सैफई महोत्सव में अपने परिवार का वैभव दिखाने तक सीमित थी। अयोध्या की महान विरासत उनकी प्राथमिकताओं में शामिल नहीं थी।
सीएम योगी ने कहा, “उनके लिए परिवार ही प्रदेश था, हमारे लिए पूरा प्रदेश ही परिवार है।” उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को नया गौरव दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दीपोत्सव अब केवल दीपों का उत्सव नहीं रह गया है, बल्कि यह करोड़ों रामभक्तों की आस्था, आधुनिक तकनीक और भारत की सनातन विरासत का संगम बन चुका है। इसकी सांस्कृतिक आभा देश ही नहीं, बल्कि दुनिया तक पहुंच रही है।
7 नवंबर को राम की पैड़ी पर होगा भव्य दीपोत्सव
दीपावली के अवसर पर अयोध्या में इस बार पारंपरिक दीपों की रोशनी के साथ आधुनिक तकनीक का भी संगम देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से दीपोत्सव के दौरान सरयू घाटों पर मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही 100 से अधिक कलाकार लाइव सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
दीपोत्सव-2026 का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को राम की पैड़ी पर प्रस्तावित है। यहां दीपों की रोशनी के साथ कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दर्शकों को विशेष अनुभव देने की तैयारी है।
राम के अयोध्या आगमन की कथा को मंच पर करेंगे जीवंत
मुख्य आयोजन में 100 से अधिक भारतीय लोक और शास्त्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कलाकारों की वेशभूषा दीपोत्सव की सांस्कृतिक थीम के अनुरूप होगी। कहानी, नृत्य, संगीत, वॉयस ओवर और प्रकाश प्रभावों के समन्वय से भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
इस प्रस्तुति के लिए हिंदी में पटकथा तैयार की जाएगी। इसे नाटकीय रूप देने की जिम्मेदारी प्रसिद्ध अथवा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त क्रिएटिव डायरेक्टर या स्क्रिप्ट राइटर के निर्देशन में निभाई जाएगी। आयोजन के जरिए अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से देश-दुनिया के सामने रखने की तैयारी है।

