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दहशत की रात: महाराष्ट्र के तीन जिलों में एक के बाद एक आए भूकंप के छह झटके, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

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मुंबई। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में बीती रात कुदरत का खौफनाक मंजर देखने को मिला। हिंगोली, परभणी और नांदेड़ जिलों में रात के सन्नाटे को भूकंप के तेज झटकों ने तोड़ दिया। एक के बाद एक आए करीब छह झटकों से धरती ऐसी कांपी कि लोग गहरी नींद से जागकर बदहवास हालत में अपने घरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे। राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक इस प्राकृतिक हलचल से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई दुखद सूचना सामने नहीं आई है। हिंगोली के उपजिला विभागीय अधिकारी विकास माने के अनुसार, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।

आधी रात को डोली धरती, वसमत तहसील में 4.4 की तीव्रता से शुरू हुआ कांपने का सिलसिला

हिंगोली जिले के उपजिला विभागीय अधिकारी विकास माने ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भूकंप का सबसे पहला और जोरदार झटका रात करीब 1 बजकर 37 मिनट पर महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इस पहले झटके की तीव्रता 4.4 मापी गई, जो सो रहे लोगों को जगाने और घरों की दीवारों को हिलाने के लिए काफी थी। इसके बाद भी धरती शांत नहीं हुई और लोगों के दिलों में दहशत पैदा करते हुए बैक-टू-बैक कई झटके आए।

दूसरा झटका रात 2 बजकर 15 मिनट पर, तीसरा 2 बजकर 17 मिनट पर, चौथा 2 बजकर 25 मिनट पर और पांचवां झटका सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर आया। इसके ठीक कुछ ही देर बाद छठा झटका भी महसूस किया गया। सुबह के वक्त आए इस आखिरी भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई। रातभर रुक-रुक कर आते रहे इन झटकों के कारण तीनों जिलों के नागरिकों ने दहशत के साए में जागकर रात काटी।

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शिरली इलाका बना भूकंप का केंद्र, राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर

जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट की आधिकारिक सूचना साइट के मुताबिक, रातभर आए इन सभी भूकंपों का मुख्य केंद्र यानी एपिसेंटर हिंगोली जिले के वासमत तालुका के अंतर्गत आने वाला शिरली इलाका रहा। चूंकि केंद्र जमीन के भीतर ज्यादा गहराई पर नहीं था, इसलिए इसके झटके पड़ोसी जिलों परभणी और नांदेड़ तक काफी तेजी से महसूस किए गए।

लगातार आ रहे इन झटकों को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और पूरे हालात पर बेहद करीबी नजर रखी जा रही है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। सब-डिविजनल ऑफिसर ने सभी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से बेहद शांत और सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे पक्के और कमजोर मकानों के भीतर रहने के बजाय एहतियात बरतें और यदि दोबारा हल्के झटके भी महसूस हों, तो बिना समय गंवाए तुरंत किसी सुरक्षित और खुली जगह पर चले जाएं।

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