मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जनपद के तितावी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव माड़ी में बंधुआ मजदूरों पर कथित रूप से की गई बर्बरता और घोर अमानवीय अत्याचार के बेहद चर्चित और संवेदनशील मामले में कानून का शिकंजा कस गया है। इस पूरे खौफनाक कांड के मुख्य आरोपी अंकित बालियान को हरियाणा की पलवल पुलिस ने बी-वारंट के तहत गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद भारी सुरक्षा घेरे के बीच पलवल पुलिस गुरुवार को आरोपी अंकित बालियान को लेकर मुजफ्फरनगर की अदालत में पहुंची और उसे कोर्ट के समक्ष पेश किया। इस हाई-प्रोफाइल मामले के मुख्य आरोपी की पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुबह से ही सुरक्षा के बेहद कड़े और व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
हरियाणा से पहुंचा मुजफ्फरनगर, कोर्ट परिसर में रही भारी हलचल
माड़ी गांव में गरीब और बेबस बंधुआ मजदूरों को बंधक बनाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट करने और उनके मानवीय अधिकारों को तार-तार करने का मामला जब सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए सामने आया था, तो इसने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया था। इस मामले की पुलिसिया जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी अंकित बालियान का नाम मुख्य साजिशकर्ताओं और क्रूरता करने वालों की सूची में सबसे ऊपर आया था। चूंकि आरोपी के खिलाफ अन्य राज्यों में भी इनपुट्स थे, इसलिए अदालत द्वारा जारी किए गए बी-वारंट पर कड़ा एक्शन लेते हुए पड़ोसी राज्य हरियाणा के पलवल जनपद की पुलिस ने उसे दबोच लिया। पलवल पुलिस जब आरोपी को लेकर मुजफ्फरनगर न्यायालय पहुंची, तो इस सनसनीखेज मामले की पैरवी और आरोपी को देखने के लिए कोर्ट परिसर में वकीलों और आम लोगों की भारी हलचल और भीड़ देखने को मिली।
सुरक्षा का अभेद्य किला बना कोर्ट, चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रही पुलिस
मामले की संवेदनशीलता और लोगों के आक्रोश को भांपते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन ने कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सीधी निगरानी और कड़े पहरे के बीच आरोपी अंकित बालियान को वज्र वाहन से उतारकर सीधे अदालत कक्ष के भीतर ले जाया गया, जहां माननीय न्यायालय के समक्ष उसकी पेशी की कागजी और कानूनी कार्यवाही पूरी कराई गई। चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद पुलिस बल स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए था।
मजदूरों की चीखों से दहला था माड़ी गांव, अब टिकी हैं इंसाफ पर निगाहें
कमजोर और असहाय मजदूरों पर किए गए इस अमानवीय अत्याचार के मामले ने पहले ही दिन से राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं, जिसके कारण प्रशासनिक अमले पर भी त्वरित कार्रवाई का भारी दबाव था। इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और अब उत्तर प्रदेश की अदालत में उसकी इस औपचारिक पेशी के बाद पीड़ित परिवारों और समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को न्याय की उम्मीद दिखाई देने लगी है। अब इस पूरे मामले में आगे की रिमांड और कठोर न्यायिक प्रक्रिया पर न केवल पुलिस प्रशासन, बल्कि पूरे जनपद की निगाहें टिकी हुई हैं कि कब इन बेबस मजदूरों को प्रताड़ित करने वाले अपराधियों को उनके किए की अंतिम सजा मिलती है।



