ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में बुधवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। जेवर-खुर्जा मार्ग पर स्थित नीमका गांव के सामने एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो कार ने सड़क किनारे पैदल जा रहे तीन प्रवासी मजदूरों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही जेवर थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और जेवर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
दिनभर की हाड़-तोड़ मेहनत के बाद मौत के आगोश में सो गए युवा
हादसे का शिकार हुए तीनों मृतक युवक मूल रूप से बिहार के अररिया जिले के रहने वाले थे और इन दिनों जेवर क्षेत्र में धान की रोपाई के सीजन में मजदूरी करने आए थे। मृतकों की पहचान करन (२२ वर्ष) पुत्र मिथलेश, विश्वजीत (२४ वर्ष) पुत्र सतीश और मिथुन (२५ वर्ष) के रूप में हुई है। बुधवार की देर रात तीनों भाई और साथी दिनभर खेतों में धान की रोपाई का काम खत्म करने के बाद पैदल ही अपने डेरे की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान रात के अंधेरे में नीमका गांव के पास मौत बनकर आई स्कॉर्पियो कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
गाड़ी कब्जे में, आरोपी ड्राइवर की तलाश में पुलिस की कई टीमें दे रहीं दबिश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए ग्रेटर नोएडा के एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार ने बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाली स्कॉर्पियो कार को पुलिस ने चिन्हित कर अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, हादसे के तुरंत बाद आरोपी चालक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने मृतकों के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में गंभीर एफआईआर दर्ज कर ली है। फरार आरोपी चालक की धरपकड़ के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से कातिल ड्राइवर की घेराबंदी तेज
एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में भरोसा दिलाया कि कानून के शिकंजे से आरोपी ड्राइवर ज्यादा दिनों तक बच नहीं पाएगा और उसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस टीम जेवर-खुर्जा मार्ग पर नीमका गांव के आसपास और टोल प्लाजा पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि हादसे के समय स्कॉर्पियो की रफ्तार और आरोपी चालक के भागने के रूट का सटीक सुराग मिल सके। बिहार से आए इन युवा मजदूरों की मौत ने एक बार फिर हाईवे पर बेलगाम दौड़ने वाले वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



