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चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद बोले लालू यादव- ‘मैं खुश हूं’

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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद खुशी जाहिर की है। बुधवार को पटना स्थित अपने कौटिल्य नगर आवास से बाहर निकलते समय समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उनके साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान पत्रकारों के सवाल पर लालू यादव ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हां, मैं खुश हूं।”

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत और सजा निलंबन को बरकरार रखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका खारिज कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी हाई कोर्ट की राहत

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के देवघर कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाला मामले में झारखंड हाई कोर्ट द्वारा लालू प्रसाद यादव को दी गई राहत को बरकरार रखा।

हाई कोर्ट ने 12 जुलाई 2019 को लालू यादव को जमानत देते हुए अंतिम निर्णय आने तक उनकी सजा निलंबित कर दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने इस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

छह महीने में अपील पर फैसला करने का निर्देश

न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश को लगभग सात वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए इस स्तर पर उसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट को निर्देश दिया कि वर्ष 2018 से लंबित लालू प्रसाद यादव की आपराधिक अपील का निपटारा छह महीने के भीतर किया जाए।

सीबीआई ने उठाए थे सजा की गणना पर सवाल

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी थी कि लालू प्रसाद यादव को सजा निलंबन का लाभ गलत गणना के आधार पर मिला। जांच एजेंसी का कहना था कि अलग-अलग मामलों में सुनाई गई सजाएं क्रमवार चलनी चाहिए, जब तक अदालत कोई अलग आदेश न दे।

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अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत में कहा कि आधी सजा पूरी होने का आधार सही तरीके से नहीं अपनाया गया।

कपिल सिब्बल ने किया बचाव

लालू प्रसाद यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सीबीआई की दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सजाएं साथ-साथ चलेंगी या अलग-अलग, इस पर अंतिम फैसला अपील की सुनवाई के दौरान होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड हाई कोर्ट ने अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए लालू यादव को वही राहत दी थी, जो आधी सजा पूरी कर चुके अन्य दोषियों को भी दी गई थी।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के सजा निलंबन के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया।

समर्थकों में खुशी का माहौल

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पटना स्थित लालू यादव के आवास पर समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। समर्थकों ने उनका स्वागत किया और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। इस दौरान लालू यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि वह इस निर्णय से खुश हैं।


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