मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के महावीर चौक मारपीट प्रकरण में पुलिस ने समाजवादी पार्टी के नेता युधिष्ठिर पहलवान को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया है। उन पर संयुक्त धरना-प्रदर्शन के दौरान एक युवक के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
यह मामला 21 जुलाई की रात करीब 11 बजे का है, जब समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संयुक्त धरना-प्रदर्शन के दौरान महावीर चौक पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। साउथ सिविल लाइन निवासी कुलदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि वह घर लौटते समय पानी की बोतल लेने के लिए महावीर चौक पर रुका था। उसी दौरान मंच से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा था। जब उसने इसका विरोध किया तो युधिष्ठिर पहलवान, उनकी पत्नी मोनिका और 6-7 अन्य लोगों ने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट कर दी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से लाठी छीनकर हमला किया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। उसका कहना है कि यदि उस समय उनके पास कोई अन्य हथियार होता तो उसकी जान भी जा सकती थी।
इस मामले में 22 जुलाई की शाम थाना सिविल लाइन पुलिस ने युधिष्ठिर पहलवान, उनकी पत्नी मोनिका और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के बाद शुक्रवार को युधिष्ठिर पहलवान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
आपको बता दें कि युधिष्ठिर पहलवान जिले की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं। समाजवादी पार्टी में आने से पहले वह भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे और केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के बेहद करीबियों में उनकी गिनती होती थी। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया।
युधिष्ठिर पहलवान इससे पहले बहुचर्चित महिमा आत्महत्या कांड में भी जेल जा चुके हैं। अब महावीर चौक प्रकरण में उनकी गिरफ्तारी के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।



