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रक्षा तकनीक पर दुनिया का बढ़ता भरोसा, ब्रह्मोस-अस्त्र समझौते का पीएम मोदी ने किया जिक्र

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता, स्वदेशी तकनीक और वैश्विक स्तर पर भारतीय रक्षा उपकरणों के प्रति बढ़ते भरोसे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस महीने की शुरुआत में अपनी इंडोनेशिया यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को लेकर हुए महत्वपूर्ण समझौते भारत की रक्षा तकनीक में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाते हैं।

‘भारत की रक्षा तकनीक पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है’

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चाहे डिफेंस प्रोडक्शन हो, एक्सपोर्ट हो या मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग हो, भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।”

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया दौरे के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को लेकर बड़ा समझौता हुआ। यह इस बात का प्रमाण है कि दुनिया भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर विश्वास कर रही है।

इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल देगा भारत

भारत और इंडोनेशिया के बीच हुए समझौते के तहत इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा इंडोनेशिया भारत में विकसित अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल भी खरीदेगा।

अस्त्र मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। यह बियॉन्ड विजुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल है, जो अत्यधिक फुर्तीले दुश्मन लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने में सक्षम है।

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दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और संरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया है।

कारगिल विजय दिवस पर वीर जवानों को किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कारगिल विजय दिवस का भी उल्लेख किया और वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि 26 जुलाई ऐसी तारीख है जिसे याद रखने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती। कारगिल विजय दिवस हर भारतीय को गर्व से भर देता है और भारतीय सेना के अदम्य साहस की याद दिलाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों, कठिन मौसम और दुश्मन की चुनौतियों के बावजूद भारतीय सैनिकों का हौसला कभी कमजोर नहीं हुआ। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।

‘शौर्य विजय यात्रा’ से नई पीढ़ी तक पहुंचेगी वीरों की गाथा

पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत अपने वीरों को केवल याद ही नहीं करता, बल्कि उनकी वीरता की कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम भी कर रहा है।

उन्होंने बताया कि इसी भावना के साथ इस वर्ष ‘शौर्य विजय यात्रा’ का आयोजन किया गया है। यह मोटरसाइकिल यात्रा 14 जुलाई को दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुई है और द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी।

इस यात्रा का संदेश ‘एक सवारी, एक देश, एक सलाम’ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान याद दिलाता है कि देश के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

आईएनएस महेंद्रगिरि आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का उल्लेख करते हुए भारतीय नौसेना में शामिल किए गए आईएनएस महेंद्रगिरि का भी जिक्र किया।

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उन्होंने कहा कि यह आधुनिक युद्धपोत भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।

पिनाका और कुशा मिसाइल परीक्षण का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने डीआरडीओ की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का कठिन परिश्रम है। उन्होंने कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत अपनी सैन्य तकनीक को लगातार मजबूत कर रहा है।

आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत के निर्माण का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दें और सुरक्षित, सक्षम तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करें।

उन्होंने कहा कि भारत की रक्षा क्षमता केवल हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और जवानों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।


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