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मेरठ के जसर सुल्तानपुर में लगा निःशुल्क टीबी स्वास्थ्य शिविर: ग्रामीणों को जांच, एक्स-रे और जागरूकता का मिला लाभ

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मेरठ। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने के उद्देश्य से सरूरपुर टीबी यूनिट के अंतर्गत जसर सुल्तानपुर गांव में निःशुल्क टीबी स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर निःशुल्क डिजिटल छाती का एक्स-रे, टीबी जांच और स्वास्थ्य परामर्श का लाभ उठाया। कार्यक्रम का शुभारंभ गांव के ग्राम प्रधान अफज़ाल ने फीता काटकर किया।

शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं की टीम ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और नियमित उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि यदि टीबी की समय रहते पहचान हो जाए और मरीज पूरा उपचार ले, तो यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

ग्रामीणों को टीबी के लक्षण और बचाव के प्रति किया जागरूक

एचएलएफपीपीटी के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अजीत सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए टीबी के प्रमुख लक्षणों, संक्रमण से बचाव, संतुलित पोषण और समय पर जांच की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से टीबी की जांच और उपचार की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका अधिक से अधिक लोगों को लाभ उठाना चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में अत्यधिक पसीना आना या भूख कम लगने जैसी समस्या हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की जांच करानी चाहिए।

स्वास्थ्यकर्मियों ने दीं निःशुल्क सेवाएं

शिविर में एएनएम मंजू, आशा कार्यकर्ता सुमन, मंजू, कोमल, हंसवती, बेबी, अंशु, सीमा, नीतू और पूनम ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं एक्स-रे टेक्नीशियन कपिल और आकाश ने डिजिटल छाती के एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराई।

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स्वास्थ्य टीम ने ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श देने के साथ-साथ टीबी की समय पर पहचान और उपचार के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को मिलेगी मजबूती

शिविर का मुख्य उद्देश्य समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान करना और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया और टीबी जांच कराई।

कार्यक्रम के समापन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी नागरिकों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए जांच कराएं और पूरा उपचार लें, ताकि बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

“टीबी हारेगा, देश जीतेगा” के संदेश के साथ शिविर का समापन हुआ।

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