Home » विविध इंडिया » ‘विकसित भारत’ की दिशा में जाने का महामार्ग है ‘आत्मनिर्भर भारत’: मोदी

‘विकसित भारत’ की दिशा में जाने का महामार्ग है ‘आत्मनिर्भर भारत’: मोदी

Facebook
Twitter
WhatsApp

jin88bet.one

नई दिल्ली। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों के साथ देशवासियों का जुड़ाव लगातार मजबूत हो रहा है।

ak168app.baby

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल आर्थिक विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि देश को तकनीक, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और विनिर्माण के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनना होगा।

ak168app.club

सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सेमीकंडक्टर का उदाहरण देते हुए कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में चिप का महत्व बेहद बढ़ गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर मेडिकल उपकरणों और परिवहन व्यवस्था तक लगभग हर आधुनिक क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति है कि चिप के बिना आधुनिक दुनिया के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। भारत ने इसी जरूरत को समझते हुए सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

ks168app.site

पीएम मोदी ने कहा कि देश में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और इनमें तैयार होने वाले उत्पादों का निर्यात भी शुरू होने की जानकारी उन्हें मिली है।

ic88

उन्होंने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में देश में कई और सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

ALSO READ THIS :  पीएम मोदी ने 'X' पर साझा किया संस्कृत श्लोक, बताया- कैसे जीवन में प्राप्त होती है सच्ची खुशी और उन्नति

ic88

महत्वपूर्ण खनिजों पर भी भारत की नजर

प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण खनिजों को भी आत्मनिर्भरता के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का बड़ा हिस्सा महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भर है और भारत इस क्षेत्र में अपनी जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए तेजी से काम कर रहा है।

पीएम मोदी ने बताया कि महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया गया है। इसके साथ ही महत्वपूर्ण खनिज कॉरिडोर की घोषणा भी की गई है।

ic88

उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में कई देशों के साथ समझौते किए जा रहे हैं और दुनिया के कई देश इस क्षेत्र में भारत पर भरोसा करने लगे हैं।

ic88

चिप और एआई के साथ ऊर्जा सुरक्षा भी जरूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस गति से दुनिया तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है, उसमें ऊर्जा की जरूरत भी लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि चिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा सेंटर जैसे आधुनिक क्षेत्रों के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा अब केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि समय की महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है।

lr88

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही कई मजबूत कदम उठाए हैं।

lr88

परमाणु ऊर्जा से ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा के बड़े माध्यम के रूप में परमाणु ऊर्जा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संसद में ‘शांति एक्ट’ पारित करके भारत ने इस दिशा में नए लक्ष्य की ओर बढ़ने का रास्ता तैयार किया है।

ALSO READ THIS :  गुजराती नववर्ष पर पीएम मोदी, अमित शाह सहित नेताओं का संदेश: सुख, समृद्धि और नई ऊर्जा की कामना

उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

lr88

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने बताया कि आने वाले एक दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

lr88

आत्मनिर्भरता से विकसित भारत तक का सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में आत्मनिर्भरता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सेमीकंडक्टर निर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मजबूत क्षमता विकसित करना इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं।

op88

उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल केवल नारे नहीं हैं, बल्कि देश की उत्पादन क्षमता और आत्मविश्वास को मजबूत करने के माध्यम हैं।

लालकिले से प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट रहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश को अपनी तकनीकी, औद्योगिक और ऊर्जा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी।

si88

‘आत्मनिर्भर भारत’ को बताया विकसित भारत का महामार्ग

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भरता को भारत के भविष्य की विकास यात्रा से जोड़ते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत ही विकसित भारत तक पहुंचने का महामार्ग है।

88v

सेमीकंडक्टर से लेकर महत्वपूर्ण खनिज और परमाणु ऊर्जा तक, सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रहा है और आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

ALSO READ THIS :  GST सुधारों का अगला चरण ‘विकसित भारत’ विजन को देगा रफ्तार- वित्त मंत्री सीतारमण बोलीं, आसान होगा Tax Compliance

SEXXXXX-VN

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें