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अयोध्या में जन्माष्टमी की धूम! राम मंदिर में रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव,कमल नयन दास बोले-पारंपरिक तरीके से मनेगा त्योहार

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्साह चरम पर है। राम मंदिर समेत पूरे शहर में जन्माष्टमी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े संतों के मुताबिक इस बार भी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पारंपरिक रीति-रिवाज और पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। मंदिर परिसर में आधी रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव होगा। इस दौरान भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और विशेष प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है।

आधी रात 12 बजे होगा भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव

राम मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने बताया कि जन्माष्टमी का पर्व अयोध्या में हमेशा की तरह पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव रात 12 बजे मनाया जाएगा और इस अवसर पर संत-साधु उत्साह के साथ शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी को लेकर संतों में काफी प्रसन्नता है और मंदिर परिसर में पर्व को लेकर तैयारियां पूरी श्रद्धा के साथ की जा रही हैं।

पुरानी परंपराओं के अनुसार होगी पूजा-अर्चना

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने कहा कि अयोध्या में आज आधी रात को जन्माष्टमी का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि पर्व से जुड़ी पुरानी परंपराओं का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।

महंत दिनेन्द्र दास के अनुसार, संत और साधु पारंपरिक पूजा-पाठ और धार्मिक रस्मों में शामिल होंगे। जन्माष्टमी के अवसर पर आधी रात तक भजन-कीर्तन का दौर चलेगा और रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का स्वागत किया जाएगा।

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संतों में एकता और उत्साह

महंत दिनेन्द्र दास ने कहा कि अयोध्या के संत और साधु संतुष्ट हैं तथा ट्रस्ट के सभी सदस्य भी संतुष्ट हैं। उन्होंने संत समाज में एकता का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी एक हैं और संत जो भी फैसला लेंगे, उसे मानने के लिए सभी तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी मनाने की परंपरा इस बार भी उसी तरह जारी रहेगी, जिस तरह वर्षों से चली आ रही है। आधी रात को भगवान कृष्ण के जन्म के साथ विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।

राम मंदिर में भजन-कीर्तन और भोग-प्रसाद की विशेष व्यवस्था

राम मंदिर में जन्माष्टमी की व्यवस्थाओं के इंचार्ज इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि मंदिर प्रशासन की ओर से जन्माष्टमी समारोह की तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। मंदिर में भजन-कीर्तन, भोग-प्रसाद और अन्य धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि उस समय मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को भोग-प्रसाद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी को परेशानी न हो।

श्रीमद्भागवत पाठ का भी होगा आयोजन

जन्माष्टमी के अवसर पर राम मंदिर में केवल भजन-कीर्तन ही नहीं, बल्कि श्रीमद्भागवत का पाठ भी किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रसाद वितरण की भी विशेष व्यवस्था की है।

इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। मंदिर प्रशासन का प्रयास है कि जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।

सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान

राम मंदिर प्रशासन ने जन्माष्टमी के मद्देनजर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी है। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं। देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।

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जन्माष्टमी को लेकर अयोध्या में धार्मिक माहौल और भी उत्सवमय हो गया है। राम मंदिर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में हैं।

राम मंदिर निर्माण के बाद जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद जन्माष्टमी का यह आयोजन विशेष उत्साह के साथ मनाए जाने की तैयारी है। राम मंदिर में धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्सुकता देखी जा रही है।

आधी रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिर परिसर भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से गूंजेगा। संतों और मंदिर प्रशासन के मुताबिक जन्माष्टमी की परंपराओं को पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ निभाया जाएगा।

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