बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से पिता और पुत्र की मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने पहुंची मां भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।
यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र की कालू कुआं चौकी के अंतर्गत हुई। जानकारी के अनुसार, बाबूलाल (60) अपनी पत्नी के साथ एक मैरिज हॉल परिसर में रहते थे, जहां वह सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। उनका बेटा धीरू (30) गुरुवार शाम मजदूरी करके घर लौटा। नहाने के बाद वह घर में लगी तार पर सूख रहे कपड़े उतारने लगा। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गया।
बेटे को बचाने दौड़े पिता, दोनों की मौके पर गई जान
बेटे को करंट लगने पर छटपटाता देख बाबूलाल उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। देखते ही देखते दोनों तार से चिपक गए। पति और बेटे को तड़पता देख मां भी उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ीं, लेकिन वह भी करंट लगने से झुलस गईं और दूर जाकर गिर पड़ीं।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस दोनों को अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने बाबूलाल और धीरू को मृत घोषित कर दिया। घायल महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पुलिस ने शुरू की जांच
अपर पुलिस अधीक्षक माविस टाक ने बताया कि करंट लगने की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हादसे के कारणों की जांच भी जारी है।
स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में बिजली के पोल और स्ट्रीट लाइट शिफ्टिंग के दौरान घरों के पास लगी कपड़े सुखाने वाली तार में करंट आ गया, जिससे यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में खुले और अव्यवस्थित बिजली के तारों के कारण कई स्थानों पर करंट फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने विभागीय लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित बनाने की मांग की है।



