‘वोट चोरी’ के खिलाफ बिहार में जन आंदोलन
पटना। बिहार की सियासत इन दिनों गरमाई हुई है और कांग्रेस-इंडिया गठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने इस माहौल को और तेज कर दिया है। यह यात्रा, जो ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एक जन आंदोलन के रूप में शुरू हुई, बिहार के विभिन्न जिलों में अपनी छाप छोड़ रही है।
विपक्ष का आरोप है कि हाल के चुनावों में मतदाता सूची में गड़बड़ियां और वोट चोरी की घटनाएं हुई हैं, जिसके खिलाफ यह यात्रा लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए निकाली गई है। यात्रा कटिहार से पूर्णिया की ओर बढ़ रही है और इसे जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
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प्रियंका गांधी वाड्रा की भागीदारी
कांग्रेस महिला मोर्चा प्रमुख अलका लांबा ने ऐलान किया कि 26 अगस्त को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इस यात्रा में शामिल होंगी। उन्होंने कहा, “25 अगस्त को यात्रा में ब्रेक रहेगा, लेकिन 26 को प्रियंका गांधी वाड्रा बिहार आएंगी।
इंडिया गठबंधन के सभी मुख्यमंत्री इस यात्रा का हिस्सा बनेंगे। माहौल बन चुका है, और यह सरकार अब बदल जाएगी।” लांबा ने जोर देकर कहा कि यह यात्रा ‘वोट चोरी’ के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई है और सपा-कांग्रेस गठबंधन वोट की पूरी पहरेदारी करेगा। प्रियंका गांधी 26 और 27 अगस्त को सुपौल और दरभंगा में यात्रा के साथ रहेंगी, जिससे इस आंदोलन को और बल मिलने की उम्मीद है।
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बिहार सरकार पर विपक्ष का हमला
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा, “अगर आपने 1-2 किलोमीटर चमचमाती सड़क बना दी, तो क्या यह आपका एहसान है? यह तो आपकी जिम्मेदारी है। बिहार के मंत्रियों की भाषा अहंकारी और शर्मनाक है।”
उन्होंने दावा किया कि बिहार में जल्द ही सरकार बदलने वाली है। अलका लांबा ने भी बिहार की सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “सड़कें तो हैं, लेकिन क्या वे बेटियों के लिए सुरक्षित हैं? क्या वे बेरोजगारों को रोजगार दे रही हैं? ऐसी सड़कों का क्या फायदा, जहां इंसान दवाई, पढ़ाई या कमाई के लिए नहीं जा सकता?”
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जनता में नई उम्मीद
कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा कि इस यात्रा ने बिहार के लोगों में नई उम्मीद जगाई है।
उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, “चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट से बार-बार फटकार मिल रही है। बिहार के युवा जाग चुके हैं, और हर वर्ग यही कह रहा है वोट चोर, गद्दी छोड़।”
राजद के एमएलसी कारी सोहैब ने भी जोश भरे अंदाज में कहा, “लाखों लोग इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। जनता को पता चल चुका है कि यह सरकार ‘वोट चोरी’ से बनी है। इस बार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में नई सरकार बनेगी।”
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सियासी बदलाव की ओर बढ़ता बिहार
‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने बिहार में एक सियासी आंदोलन का रूप ले लिया है। 17 अगस्त से शुरू होकर 1 सितंबर को पटना में समाप्त होने वाली यह यात्रा 1,300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इसमें राहुल गांधी, तेजस्वी यादव के साथ-साथ कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं।
प्रियंका गांधी की भागीदारी से इस आंदोलन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। बिहार की जनता के बीच बढ़ता समर्थन और विपक्ष की एकजुटता 2025 के विधानसभा चुनावों में बदलाव का संकेत दे रही है।
