गोंडा। बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के मामले पर भाजपा नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस कार्रवाई को कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति करार देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने पर राहुल गांधी हिंदू बनने लगेंगे, जबकि फिलहाल उनके जरिए हिंदू विरोधी रुख प्रदर्शित किया जा रहा है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद अब बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने इसे राजनीतिक रणनीति से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
‘चुनाव आएगा तो राहुल गांधी हिंदू भी बनेंगे’
बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने पर वह हिंदू भी बनेंगे। उनके मुताबिक, फिलहाल राहुल गांधी की ओर से हिंदू विरोधी रुख दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब पहले वहां कांग्रेस का कार्यक्रम आयोजित किया गया और उसके बाद भाजपा की ओर से कार्यक्रम किया गया। इसी क्रम में कार्यक्रम के बाद किए गए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
‘भाजपा के कार्यक्रम विधि-विधान से होते हैं’
बृजभूषण शरण सिंह ने भाजपा के कार्यक्रमों में धार्मिक परंपराओं के पालन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यक्रम जहां भी होते हैं, वहां विधि-विधान से कार्यक्रम किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। देश में कहीं भी भाजपा की बड़ी रैली या बैठक आयोजित होती है तो कार्यक्रम शुरू होने से पहले धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार कुछ न कुछ किया जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार कुछ न हो तो एक अगरबत्ती तक जलाई जाती है।
‘विद्यालयों में भी मां सरस्वती की पूजा होती है’
भाजपा नेता ने धार्मिक परंपराओं को लेकर कहा कि जिस तरह विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित होने पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है, उसी तरह भाजपा के कार्यक्रमों में भी धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाता है।
उनका कहना था कि कांग्रेस की ओर से इस प्रक्रिया को ‘शुद्धिकरण’ का नाम देकर अलग दिशा में ले जाया गया। बृजभूषण ने दावा किया कि इसी विवाद के परिणामस्वरूप बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
‘कांग्रेस कर रही तुष्टिकरण की राजनीति’
बृजभूषण शरण सिंह ने पूरे मामले को तुष्टिकरण की राजनीति बताते हुए कहा कि इससे कांग्रेस को राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल दलित मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं, लेकिन मौजूदा समय में भाजपा के पास दलित मतदाताओं की संख्या अधिक है।
उन्होंने कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल इस तरह की राजनीति के सहारे कांग्रेस को अपेक्षित राजनीतिक लाभ हासिल नहीं होने वाला है।
मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद
गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। शिकायतकर्ता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि जनसभा के बाद 10 अगस्त को वहां ‘शुद्धिकरण’ किया गया।
इसी मामले को लेकर बेंगलुरु में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और भाजपा तथा कांग्रेस के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
बृजभूषण शरण सिंह ने इस कार्रवाई को कांग्रेस की राजनीतिक सोच से जोड़ते हुए इसे वोट की राजनीति और तुष्टिकरण का हिस्सा बताया है। अब इस मामले में कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।



