Home » गुनाह » साइबर ठगी के मामले में अफ्रीकी नागरिक गिरफ्तार, 100 से अधिक महिलाओं को बनाया निशाना

साइबर ठगी के मामले में अफ्रीकी नागरिक गिरफ्तार, 100 से अधिक महिलाओं को बनाया निशाना

Facebook
Twitter
WhatsApp

दिल्ली पुलिस ने शाहदरा में एक बड़े साइबर ठगी के मामले में महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की है। शाहदरा पुलिस की साइबर इकाई ने 29 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक स्टीफन उर्फ केसी डोमिनिक को तिलक नगर इलाके से गिरफ्तार किया। यह शख्स फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को ठगी का शिकार बना रहा था।

स्टीफन ने हैलो टॉक ऐप पर ‘डक यंग’ नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई, जिसमें उसने खुद को यूके में रहने वाला कोरियाई आभूषण कारोबारी बताया। उसने व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिश्तों का झांसा देकर 100 से अधिक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया।

उत्तराखंड: CM धामी ने देहरादून में प्रदर्शनकारी छात्रों से की बात, पेपर लीक में CBI जांच का वादा

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़िता, सुश्री अंजलि ने शाहदरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। अंजलि ने बताया कि ‘डक यंग’ ने दावा किया कि वह मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंच गया है, लेकिन मेडिकल सुविधा कार्ड न होने के कारण उसे आव्रजन अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया।

इसके बाद, अंजलि को दो भारतीय नंबरों से कॉल आए, जिनमें कॉल करने वालों ने खुद को आव्रजन अधिकारी बताकर पैसे की मांग की।

शिकायत के आधार पर, पुलिस ने 24 सितंबर 2025 को धारा 318(4)/61(2) बीएनएस के तहत एफआईआर (नंबर 82/25) दर्ज की। इंस्पेक्टर अमित धानी की अगुवाई में साइबर पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (आईपीडीआर) विश्लेषण के जरिए आरोपी को न्यू महावीर नगर, तिलक नगर से पकड़ा।

इस टीम में एएसआई अनिरुद्ध, हेड कांस्टेबल संदीप, विकास, धर्मेंद्र, और महिला कांस्टेबल मनीषा शामिल थे। जांच को इंस्पेक्टर विजय कुमार (एसएचओ) और एसीपी मोहिंदर सिंह के मार्गदर्शन में तेज किया गया।

ALSO READ THIS :  यूपी: मुजफ्फरनगर में दलित युवक की हत्या, साथी ने कहा- "न्याय नहीं, बदला लेंगे"

ट्रंप का नया कारनामा: अब विदेशी फिल्मों पर 100% टैक्स, हॉलीवुड को बचाने का दावा

आरोपी के मोबाइल फोन से हैलो टॉक ऐप और उसकी फर्जी प्रोफाइल बरामद की गई, जिसके जरिए वह ठगी करता था। जांच में खुलासा हुआ कि स्टीफन पूरे भारत में 100 से अधिक महिलाओं से इसी तरह की बातचीत कर रहा था।

वह 2019 में आइवरी कोस्ट के पासपोर्ट पर छह महीने के पर्यटक वीजा के साथ भारत आया था। वीजा खत्म होने के बाद वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था और साइबर ठगी के धंधे में लिप्त था।

उसने खास तौर पर अविवाहित महिलाओं को निशाना बनाया, झूठी कहानियां रचीं, और अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी आव्रजन अधिकारियों के नाम पर पैसे ऐंठे।

पुलिस उपायुक्त प्रशांत प्रिया गौतम ने बताया कि यह साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है। जांच अभी जारी है, और इस ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।

ADVT_WhatsAPP_The X India_Web

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें