नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में अब बारिश का दौर थमता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी कई दिनों तक राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा। आसमान मुख्यतः साफ रहने के साथ दिन में धूप खिली रहेगी। हालांकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक का अहसास जारी है, जो मौसम में बदलाव के संकेत दे रहा है। मौसम के शुष्क होते ही दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है और राजधानी का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम श्रेणी यानी यलो जोन में पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार तीस सितंबर से पांच अक्टूबर तक दिल्ली में मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। तीस सितंबर को राजधानी का अधिकतम तापमान करीब तैंतीस डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब इक्कीस डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दौरान आर्द्रता पैंसठ से पचासी प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय वातावरण में नमी अधिक रहने से हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन चढ़ने के साथ धूप का असर बढ़ेगा।
एक और दो अक्टूबर को तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। इन दोनों दिनों में अधिकतम तापमान करीब चौंतीस डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान इक्कीस से बाईस डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। तीन से पांच अक्टूबर के दौरान न्यूनतम तापमान बढ़कर बाईस से चौबीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इस पूरे अवधि में आसमान मुख्यतः साफ रहने और बारिश की संभावना नहीं होने का अनुमान है।
बारिश थमने के साथ दिल्ली एनसीआर की हवा में प्रदूषण का असर भी बढ़ने लगा है। ताजा आंकड़ों में दिल्ली का समग्र एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है। राजधानी के कई इलाकों में एक्यूआई सौ के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुका है। आनंद विहार में एक्यूआई एक सौ पांच, अशोक विहार में सत्तासी, आया नगर में उन्यासी, बवाना में एक सौ चौदह और बुराड़ी क्रॉसिंग में एक सौ ग्यारह दर्ज किया गया।
कैंटोनमेंट एरिया में एक्यूआई एक सौ पांच, चांदनी चौक में एक सौ सोलह, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक सौ बाईस और सीआरआरआई मथुरा रोड पर एक्यूआई एक सौ अड़तीस दर्ज किया गया। आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता मध्यम स्तर तक पहुंच गई है और मौसम के लगातार शुष्क रहने पर प्रदूषण का स्तर आगे भी बढ़ सकता है।
नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी हुई है। सेक्टर एक सौ पच्चीस में एक्यूआई एक सौ बाईस, सेक्टर बासठ में एक सौ सात, सेक्टर एक में एक सौ बाईस और सेक्टर एक सौ सोलह में एक सौ चौबीस दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि दिल्ली के साथ नोएडा में भी शुष्क मौसम और हवा में प्रदूषक तत्वों के बढ़ने का असर दिखाई देने लगा है।
गाजियाबाद के कुछ इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत ज्यादा खराब दर्ज की गई। गोविंदपुरम में एक्यूआई उनतालीस यानी संतोषजनक श्रेणी में रहा। इंदिरापुरम में एक्यूआई एक सौ, लोनी में एक सौ इक्यावन, संजय नगर में एक सौ ग्यारह, वसुंधरा में एक सौ इकतालीस और वेव सिटी में एक सौ सात दर्ज किया गया। खास तौर पर लोनी और वसुंधरा में वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब स्थिति की ओर जाती दिखाई दे रही है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश नहीं होने और मौसम के लगातार साफ रहने की स्थिति में हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक तत्वों का फैलाव प्रभावित हो सकता है। सुबह और शाम के समय तापमान में अपेक्षाकृत कमी के कारण वातावरण में प्रदूषण का असर अधिक महसूस किया जा सकता है। ऐसे में संवेदनशील लोगों को स्थानीय वायु गुणवत्ता पर नजर रखने की जरूरत है।
फिलहाल दिल्ली एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप और साफ आसमान रहने की उम्मीद है, जबकि सुबह और शाम हल्की ठंडक बनी रहेगी। तापमान में मामूली बढ़ोतरी के साथ मौसम धीरे धीरे शुष्क और गर्म होने की ओर बढ़ सकता है। दूसरी ओर हवा की गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए लोगों को प्रदूषण वाले इलाकों में अनावश्यक लंबे समय तक बाहर रहने से बचने और सावधानी बरतने की जरूरत है।
