नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में मौसम के बदलते मिजाज के बीच लोगों को प्रदूषण की बढ़ती समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि रात के समय तापमान गिरने से हल्की ठंड महसूस होने लगी है। दूसरी ओर, क्षेत्र के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 300 के पार पहुंचने से चिंता बढ़ गई है। दिल्ली, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के कई निगरानी केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता खराब से बहुत खराब स्तर तक दर्ज की गई है।
दिन में गर्मी, रात में बढ़ेगी ठंड
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। 22 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दौरान आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है और आर्द्रता लगभग 60 से 90 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई है।
23 अक्टूबर को अधिकतम तापमान बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 19 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। 24 अक्टूबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, 25 अक्टूबर से न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट आने की संभावना है और पारा करीब 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
मौसम में इस बदलाव के कारण दिन और रात के तापमान में अंतर बना रहेगा। दिन में धूप के चलते गर्मी महसूस होगी, जबकि देर शाम और रात के समय हल्की ठंड का एहसास बढ़ सकता है।
दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार
मौसम में बदलाव के साथ दिल्ली की हवा भी चिंता का विषय बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है।
दिल्ली के पंजाबी बाग में एक्यूआई 304 दर्ज किया गया, जबकि आईआईटीएम पूसा निगरानी केंद्र पर यह 318 तक पहुंच गया। आरके पुरम में एक्यूआई 300 दर्ज किया गया। इसके अलावा पटपड़गंज में 278, रोहिणी में 276, पूसा में 275, ओखला फेज-2 में 272, एनएसयूटी जाफरपुर में 264 और शादीपुर में 241 एक्यूआई दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी के कई हिस्सों में हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है। खासकर 300 या उससे अधिक एक्यूआई वाले क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में आता है।
गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में भी बिगड़े हालात
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी वायु प्रदूषण से राहत नहीं मिल रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वेव सिटी में एक्यूआई 273, इंदिरापुरम में 258, संजय नगर में 255, लोनी में 250 और वेद विहार-लोनी में 213 दर्ज किया गया।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में एक्यूआई 315 तक पहुंच गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। वहीं, नॉलेज पार्क-3 में एक्यूआई 181 दर्ज किया गया। अलग-अलग निगरानी केंद्रों के आंकड़ों में अंतर के बावजूद क्षेत्र के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर लोगों के स्वास्थ्य के लिए चिंता बढ़ा रहा है।
प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रदूषण के प्रति संवेदनशील लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
बाहर निकलते समय स्थानीय वायु गुणवत्ता की स्थिति पर ध्यान देना और अधिक प्रदूषण वाले समय में अनावश्यक बाहरी गतिविधियों से बचना उपयोगी हो सकता है। जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला, सही फिटिंग का मास्क इस्तेमाल किया जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को भी खराब हवा के दौरान लंबे समय तक खुले में रहने से बचाना चाहिए।
दिल्ली-एनसीआर में एक ओर दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ रहा है, तो दूसरी ओर प्रदूषण का स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में मौसम और वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लोगों की नजर बनी रहेगी।

