Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » जैन कन्या कॉलेज में छात्राओं का हेल्थ कैंप, ‘विकसित भारत @2047’ पर डिबेट: 100 से अधिक छात्राओं के लिए गए ब्लड सैंपल लिए, 35 छात्राओं ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में लिया हिस्सा

जैन कन्या कॉलेज में छात्राओं का हेल्थ कैंप, ‘विकसित भारत @2047’ पर डिबेट: 100 से अधिक छात्राओं के लिए गए ब्लड सैंपल लिए, 35 छात्राओं ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में लिया हिस्सा

Facebook
Twitter
WhatsApp

मुज़फ़्फ़रनगर। जैन कन्या पाठशाला पीजी कॉलेज में मंगलवार को छात्राओं के स्वास्थ्य और उनके सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा शिविर और वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कॉलेज के चिकित्सा केंद्र में लगाए गए हेल्थ कैंप में छात्राओं के ब्लड सैंपल लिए गए। इन सैंपल की जांच के जरिए छात्राओं में आयरन और कैल्शियम की कमी का पता लगाया जाएगा।

कॉलेज की प्राचार्य प्रो. सीमा जैन ने बताया कि स्वास्थ्य शिविर में 100 से अधिक छात्राओं ने ब्लड टेस्ट कराया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरतमंद छात्राओं को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही छात्राओं को पोषण और संतुलित आहार को लेकर भी जरूरी सलाह दी जाएगी, ताकि शरीर में आयरन और कैल्शियम का स्तर बेहतर रखने में मदद मिल सके।

कॉलेज में इसके साथ ही ‘भारत सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘विकसित भारत @2047’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें कॉलेज की अलग-अलग कक्षाओं की करीब 35 छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्राओं ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा, नई सोच, तकनीक और समाज के विकास से जुड़े अपने विचार रखे।

प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपने विचारों और नए प्रयोगों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

कॉलेज प्राचार्य प्रो. सीमा जैन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार रखने का मंच भी प्रदान करते हैं।

ALSO READ THIS :  24 सूत्रीय मांगों को लेकर आजाद समाज पार्टी-भीम आर्मी का प्रदर्शन: कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, आरक्षण और वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व की मांग
[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें