नई दिल्ली। मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद में नीट पेपर लीक का मुद्दा छाया रहा। गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल लगातार हंगामे की भेंट चढ़ गए। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह चर्चा के लिए समय और तारीख तय करे।
लोकसभा में शून्यकाल शुरू होते ही किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार पहले भी विपक्ष से चर्चा की अपील कर चुकी है और अब दोबारा आग्रह कर रही है कि विपक्ष आगे आए और चर्चा की तारीख तय करे। उन्होंने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक समेत सभी संबंधित मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
‘विपक्ष जितना समय चाहे, सरकार चर्चा के लिए तैयार’
किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने कांग्रेस नेताओं और अन्य विपक्षी सदस्यों से व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत भी की है। उन्होंने बताया कि विपक्ष को बैठक कर अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष से भी चर्चा की गई है और सरकार दोनों सदनों में नीट पेपर लीक मामले पर विपक्ष की इच्छा के अनुसार चर्चा कराने के लिए तैयार है। विपक्ष जिस दिन, जितने समय और जिस तरीके से चर्चा चाहता है, सरकार उसके लिए तैयार है।
रिजिजू ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा यह बेहद गंभीर विषय है और इस पर राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए।
पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के हित में इस मुद्दे पर चर्चा होना बेहद जरूरी है।
रिजिजू ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि वह बताए कि चर्चा कब शुरू करनी है, सरकार पूरी तरह तैयार है।
‘शर्तें रखकर बहाना बना रहा विपक्ष’
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से बचने के लिए नई-नई शर्तें सामने रख रहा है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष केवल बहाने बनाएगा तो इससे साफ है कि वह चर्चा से भागना चाहता है।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि विपक्ष जितना समय इस विषय पर चर्चा करना चाहता है, उतना समय दिया जाए। नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
‘यह किसी एक सरकार या दल का मुद्दा नहीं’
रिजिजू ने कहा कि पेपर लीक का मामला किसी एक सरकार या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग राज्यों में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं और सभी मामलों पर चर्चा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी दलों को मिलकर समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने सदन में मांग की कि बिना देरी किए नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा शुरू की जाए।
हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। नीट विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार जारी है।


