मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) कंट्रोल रूम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 10 कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसा है। ADM वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह ने संबंधित कर्मचारियों के मामले में सोमवार शाम करीब 7 बजे स्पष्टीकरण तलब करने और विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों से स्पष्ट संस्तुति के साथ तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
DM कार्यालय के आदेश के तहत जिले के विभिन्न विभागों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की ईओसी कंट्रोल रूम में शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई थी। प्रशासन के पत्र के मुताबिक, कर्मचारियों को फोन, व्हाट्सएप और कार्यालय के माध्यम से ड्यूटी की सूचना दी गई थी। इसके बावजूद निर्धारित तिथियों पर उनके अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा है।
ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में जनता इंटर कॉलेज कुटेसरा के लिपिक प्रशांत शर्मा, गंग नहर के कनिष्ठ सहायक रवि कुमार, एसडी डिग्री कॉलेज के लिपिक रविंद्र सिंह, जल निगम के वरिष्ठ सहायक अंकुर जैन और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय के सहायक लेखाकार विजय वर्मा शामिल हैं।
इसके अलावा गंग नहर के अवर अभियंता विवेक चौधरी, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के वरिष्ठ सहायक अतुलेश चंद्र शर्मा, एसडी इंटर कॉलेज मीरापुर के कनिष्ठ सहायक रणजीत सिंह, जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के गन्ना पर्यवेक्षक ललित कुमार और एसडी डिग्री कॉलेज मुज़फ़्फ़रनगर के लिपिक नीतीश गोयल के नाम भी सूची में शामिल हैं।
एडीएम ने संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त कर विभागीय जांच के बाद स्पष्ट संस्तुति के साथ तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। अब संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

