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बादल ठाकुर आत्महत्या केस में 48 घंटे बाद मुकदमा दर्ज: सन्नी वर्मा और फर्जी पत्रकार के नाम FIR, बेटे की शिकायत पर कार्रवाई; लगातार किया जा रहा था ब्लैकमेल

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मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में बादल ठाकुर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने करीब 48 घंटे बाद मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के बेटे करण कुमार की शिकायत में सन्नी वर्मा, उनकी पत्नी और कथित फर्जी पत्रकार निखिल रुस्तम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं। रविवार रात करीब 9 बजे दर्ज FIR के मुताबिक, मकान को लेकर पुराने विवाद के बीच 20 अक्टूबर को 3.50 लाख रुपये की मांग की गई थी। बेटे का आरोप है कि लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर उनके पिता ने 23 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली थी।

करण कुमार ने कोतवाली पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता बादल कुमार, निवासी खांजापुर, का सन्नी वर्मा और उनकी पत्नी के साथ मकान को लेकर विवाद चल रहा था। शिकायत के अनुसार, मकान का पूरा भुगतान 14 नवंबर 2023 को कर दिया गया था। सन्नी वर्मा की ओर से अदालत में शपथपत्र दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद विवाद जारी रहा।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 20 अक्टूबर 2026 को कथित तौर पर 3.50 लाख रुपये की मांग की गई। करण के मुताबिक, कथित फर्जी पत्रकार निखिल रुस्तम उनकी महावीर चौक पर स्थित दुकान पर पहुंचकर पैसे मांगता था और रकम नहीं देने पर खबर चलाने की धमकी देता था। शिकायत में महावीर चौक के पास दुकान चलाने वाले सागर और निशांत पर भी दुकान बंद कराने तथा झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।

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परिवार के अनुसार, 23 अक्टूबर करीब 11 बजे बादल ठाकुर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद बेटे ने पुलिस से शिकायत दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मामले में करीब 48 घंटे बाद मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई अहम होगी। जांच में मकान के भुगतान से जुड़े दस्तावेज, कथित पैसों की मांग, धमकियों और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल महत्वपूर्ण रहेगी।

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