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मुजफ्फरनगर में एक हादसा, 5 मौतें और कई अधूरी खुशियां: बेटियों की शादी के कार्ड बांटकर लौट रहे थे साजिद-इदरीश और दवा दिलाकर मासूम बेटी एवं बहनोई साथ घर जा रहा था फरमान

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मुज़फ़्फ़रनगर। बुढ़ाना क्षेत्र के भैसाना गांव के पास बुधवार शाम हुए भीषण रोडवेज बस हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में बागपत के फरमान, उनकी तीन साल की बेटी सुहाना उर्फ अल्लो, बुढ़ाना निवासी उनके बहनोई मोमीन और शामली के कांधला निवासी चचेरे भाई साजिद एवं इदरीश की मौत हो गई। हादसे के बाद किसी घर में बच्चों की शादी की तैयारियां थम गईं तो किसी घर में अपनों के लौटने का इंतजार हमेशा के लिए खत्म हो गया।

कांधला के मोहल्ला खैल कलां निवासी साजिद बुधवार को अपने चचेरे भाई इदरीश के साथ बाइक से मुज़फ़्फ़रनगर आए थे। साजिद की दो बेटियों की शादी 18 सितंबर को होनी है। दोनों चचेरे भाई रिश्तेदारों को शादी के कार्ड बांटने के लिए घर से निकले थे। दिनभर शादी का निमंत्रण बांटने के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी बड़ौत-मुज़फ़्फ़रनगर मार्ग पर भैसाना गांव के पास रोडवेज बस की चपेट में आ गए।

हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। जैसे ही परिवार को हादसे की खबर मिली, शादी की तैयारियों में जुटे घर में मातम पसर गया। जिन रिश्तेदारों के घर साजिद और इदरीश शादी के कार्ड लेकर गए थे, अब उन्हीं रिश्तेदारों के सामने दोनों के अंतिम विदाई की चिंता खड़ी हो गई।

परिजनों के अनुसार साजिद ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी चार बेटियां हैं। इदरीश भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए थे। उनके पांच बेटे और पांच बेटियां हैं। दोनों परिवारों के लिए 18 सितंबर का दिन खुशियों का दिन होना था, लेकिन हादसे ने इन तैयारियों को गहरे दुख में बदल दिया।

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दूसरी ओर, बागपत के तमेलागढ़ी निवासी फरमान भी अपनी तीन साल की बेटी सुहाना और बहनोई मोमीन के साथ घर लौट रहे थे। परिजनों के अनुसार फरमान सोरम गांव गए थे और लौटते समय शाहपुर से दवा लेकर आने की बात कहकर निकले थे। उन्हें अपनी बेटी के बुखार की दवा के साथ खुद के लिए भी फुंसी-फोड़े की दवा लेनी थी।

लेकिन दवा लेकर घर लौटने से पहले ही भैसाना के पास हादसा हो गया। हादसे में फरमान, उनकी मासूम बेटी सुहाना और बहनोई मोमीन की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिसकर्मियों ने गांव में फोन कर परिवार को हादसे की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन मुज़फ़्फ़रनगर पहुंचे।

तमेलागढ़ी में फरमान के परिवार में पत्नी नसीमा, बेटा रहमान, मां समीना, पिता उमरदीन और भाई आशु सहित अन्य परिजन हैं। फरमान परिवार के साथ ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। बेटी के लिए दवा लेकर लौटने की बात कहकर निकले फरमान के साथ उनकी तीन साल की बेटी की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

बुधवार दोपहर करीब सवा तीन बजे बड़ौत-मुज़फ़्फ़रनगर मार्ग पर भैसाना गांव के पास बड़ौत डिपो की रोडवेज बस ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने के दौरान सामने से आ रही दो बाइकों को टक्कर मार दी थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई। पुलिस ने बस को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश की जा रही है। SSP संजय कुमार वर्मा के साथ–साथ एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक और एसपी यातायात अतुल कुमार चौबे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

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एक ही हादसे ने पांच जिंदगियां खत्म कर दीं, लेकिन पीछे 4 परिवारों के लिए जिंदगी बदल दी। कहीं बेटियों की शादी के कार्ड अब खुशियों की जगह दर्द की याद बन गए हैं, तो कहीं तीन साल की बच्ची के लिए दवा लेने निकला पिता अपनी बेटी समेत घर वापस नहीं लौट सका।

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