मुजफ्फरनगर। बाल विवाह और बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन की गुरुप्रीत कौर ने ग्रामीण समाज विकास केंद्र के हेड ऑफिस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्था के समस्त स्टाफ के साथ बैठक कर जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बाल विवाह और बाल श्रम की पहचान, बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, शिक्षा से जोड़ने तथा परिवारों की काउंसलिंग के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में स्टाफ ने गांवों में किए जा रहे जागरूकता कार्यों और बच्चों के संरक्षण से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। गुरुप्रीत कौर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समुदाय के बीच लगातार संवाद बनाए रखने और प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता के साथ काम करने पर जोर दिया।
“आप पहले क्यों नहीं आए?”—बच्चों के सवाल ने बयां किया बदला हुआ जीवन
बैठक के बाद गुरुप्रीत कौर उस बालिका से मिलीं, जिसका बाल विवाह समय रहते रुकवाया गया था। उन्होंने बालिका की वर्तमान स्थिति, पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। बालिका ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि बाल विवाह रुकने के बाद उसके जीवन में किस तरह बदलाव आया।
इसके बाद उन्होंने बाल श्रम से मुक्त कराए गए दो बच्चों से मुलाकात की। बच्चों से उनकी पढ़ाई, परिवार की स्थिति और बाल श्रम से बाहर आने के बाद जीवन में आए बदलावों के बारे में बातचीत की गई।
बातचीत के दौरान बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब ग्रामीण समाज विकास केंद्र की टीम ने उन्हें बाल श्रम से मुक्त कराया और आगे बढ़ने का अवसर दिया, तो उन्हें लगा कि जैसे उनका पूरा जीवन बदल गया। इसी दौरान बच्चों ने भावुक होकर कहा—“आप पहले क्यों नहीं आए?”
बच्चों का यह सवाल केवल उनकी व्यक्तिगत पीड़ा को नहीं दर्शाता, बल्कि यह भी बताता है कि किसी बच्चे तक समय पर मदद पहुंचना उसके पूरे जीवन की दिशा बदल सकता है। बच्चों ने बताया कि यदि उन्हें पहले ही संरक्षण और सहयोग मिल जाता तो उन्हें बाल श्रम जैसी परिस्थितियों से नहीं गुजरना पड़ता।
गुरुप्रीत कौर ने बच्चों की बात सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक सहयोग जारी रखा जाएगा। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
गुरुप्रीत कौर ने कहा कि-“जब कोई बच्चा कहता है कि ‘आप पहले क्यों नहीं आए’, तो यह हमारे लिए केवल एक सवाल नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी का संदेश है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी बच्चे को मदद के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। बाल विवाह और बाल श्रम रोकने के साथ-साथ बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना भी उतना ही जरूरी है।
जमीनी स्तर पर काम करने वाली संस्थाओं और समुदाय के सहयोग से ही बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जा सकता है।”
ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सचिव मेहरचंद ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह रुकवाना या बच्चे को बाल श्रम से मुक्त कराना नहीं है, बल्कि उसके जीवन को नई दिशा देना है। इसके लिए बच्चे को शिक्षा से जोड़ना, परिवार को जागरूक करना और लगातार उसकी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। ‘आप पहले क्यों नहीं आए’ जैसे सवाल हमें याद दिलाते हैं कि बच्चों तक समय पर पहुंचना कितना महत्वपूर्ण है। समाज की सक्रिय भागीदारी से ही बाल विवाह और बाल श्रम जैसी कुरीतियों को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।”
दौरे के दौरान ग्रामीण समाज विकास केंद्र का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। बैठक में संस्था के कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी गतिविधियों और जमीनी स्तर पर अभियान को और प्रभावी बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। साथ ही बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा से जुड़ाव और परिवारों के सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
