मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में दशहरे के अवसर पर शिवसेना ओबीसी मोर्चा के कार्यालय में मंगलवार को शस्त्र पूजन किया गया। कंबल वाली गली स्थित कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संस्थाओं से जुड़ीं और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली करीब 50 महिलाओं को शक्ति के प्रतीक के रूप में कृपाण भेंट की गईं।
शिवसेना ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष मनोज सैनी ने कहा कि सनातन संस्कृति में शस्त्र पूजन की परंपरा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र जरूरी हैं और इतिहास में कई बार शस्त्रों के जरिए ही बुराई का मुकाबला किया गया है।
मनोज सैनी ने कहा कि शस्त्र पूजन सनातन संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है। जब-जब समाज में असामाजिक और बुरी शक्तियां बढ़ीं, उनका मुकाबला करने की जरूरत पड़ी। उन्होंने भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें भी धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने पड़े थे। मनोज सैनी ने इसी संदर्भ में कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शस्त्रों का महत्व आज भी बना हुआ है।
कार्यक्रम में शामिल नेहा गोयल ने नारी शक्ति और महिलाओं की सुरक्षा पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का स्वरूप है और उसकी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। वहीं, गीता ठाकुर ने कहा कि महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए शस्त्र रखेंगी। कार्यक्रम में महिलाओं को कृपाण भेंट करने को शक्ति और आत्मरक्षा के संदेश से जोड़ा गया।
कार्यक्रम के अंत में हिंदू समाज से अपील की गई कि भेंट की गई कृपाणों को घरों में उचित स्थान पर रखा जाए और उनकी नियमित पूजा की जाए। साथ ही बच्चों को शास्त्र और धर्म की रक्षा के महत्व के बारे में शिक्षित करने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने कहा कि शस्त्र और शास्त्र दोनों का अपना महत्व है तथा धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए इनके महत्व को समझना जरूरी है।

