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बारिश से सुधरी हवा फिर हुई खराब! मुजफ्फरनगर की फैक्ट्रियों से निकलते काले धुएं के वीडियो वायरल, प्रदूषण पर उठे सवाल

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मुजफ्फरनगर। बारिश के बाद जिले की आबोहवा में दर्ज हुए सुधार के बीच एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों से निकलता काला और प्रदूषित धुआं लोगों की चिंता का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो जिले की कुछ फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकल रहे घने काले धुएं की तस्वीर पेश कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण के दावों के बावजूद कुछ औद्योगिक इकाइयां लगातार पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं।

सबसे ताजा मामला जौली रोड स्थित सिखरेड़ा गांव का है, जहां शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे इलाके की चर्चित दिशा पेपर मिल की चिमनी से निकलते काले धुएं और कथित तौर पर बायपास किए जा रहे प्रदूषित उत्सर्जन का वीडियो सामने आया। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही फैक्ट्री से निकलने वाला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है, जिससे सांस लेने में परेशानी और बदबू की शिकायत रहती है। आपको बता दें कि ये फैक्ट्री बीजेपी के एक कद्दावर नेता के परिवार की है।

इसी तरह जानसठ रोड स्थित निराना गांव में संचालित गुलशन केमिकल की चिमनी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 22 जुलाई की शाम रिकॉर्ड किए गए वीडियो में कई किलोमीटर दूर तक आसमान में काला धुआं फैलता दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाली बदबूदार हवा के कारण आसपास के गांवों में रहना मुश्किल हो गया है। इससे पहले भी इसी फैक्ट्री के प्रदूषण से जुड़े वीडियो सामने आ चुके हैं।

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वहीं जौली रोड स्थित त्रिवेणी डिस्टिलरी की चिमनी से भी 22 और 23 जुलाई की शाम काला धुआं निकलने के वीडियो सामने आए हैं। लगातार सामने आ रहे वीडियो जिले में औद्योगिक प्रदूषण की गंभीरता को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम और रात के समय प्रदूषण नियंत्रण मानकों की अनदेखी कर भारी मात्रा में धुआं छोड़ा जाता है। उनका कहना है कि इससे न केवल पर्यावरण बल्कि आसपास रहने वाले हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

आपको बता दें कि समीर ऐप के मुताबिक शनिवार को जिले का औसतन AQI महज़ 55 रिकॉर्ड किया गया, जो बेहद ही अच्छा माना जाता है। इससे पूर्व जुलाई माह में ही जिले का AQI बेहद खराब स्थिति में 500+ तक पहुंचा चुका है।

इस संबंध में स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी गीतेश चंद्रा का कहना है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

 


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