मुज़फ़्फ़रनगर। नाबालिग से जुड़े आपराधिक मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। बुधवार को आए इस फैसले को उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
मामला थाना सिविल लाइन क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, मदीना कॉलोनी निवासी नूरदीन पुत्र घसीटा के खिलाफ वर्ष 2024 में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), 115(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 9एम/10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत मुकदमे की लगातार निगरानी की गई। SSP सूरज कुमार राय के निर्देशन और SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ के निकट पर्यवेक्षण में अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष मामले की पैरवी की।
बुधवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट, मुज़फ़्फ़रनगर ने सुनवाई के बाद नूरदीन को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना है। इसी अभियान के तहत मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन के समन्वय से मुकदमों की पैरवी की जा रही है।

