मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक जिले में शनिवार देर रात और रविवार तड़के भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। जिले के सुरगाणा, दिंडोरी, पेठ और कल्लवण तालुकों में आए झटकों से लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी क्षेत्र से जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। जिला प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताते हुए कहा है कि प्रभावित इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
रात में दो बार महसूस हुआ कंपन
जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, कल्लवण तालुका के दळवट क्षेत्र में शनिवार रात करीब 11:56 बजे लगभग 20 से 30 सेकंड तक हल्का कंपन महसूस किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के दौरान घरों की टीन की छतें, दीवारें और खिड़कियां हिलने लगीं, जिससे लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए।
इसी तरह सुरगाणा तालुका के बोरगांव, सुरगाणा शहर, सराड और चिखली क्षेत्रों में रात 11:55 बजे पहला झटका महसूस किया गया। इसके बाद रविवार तड़के करीब 2:45 बजे एक बार फिर हल्का कंपन दर्ज किया गया।
आश्रमशाला की दीवार में आई दरार
भूकंप के झटकों के दौरान सुरगाणा के सराड स्थित एक सरकारी आश्रमशाला की दीवार में दरार आने की सूचना मिली है। हालांकि किसी छात्र या कर्मचारी के घायल होने की जानकारी नहीं है।
दिंडोरी तालुका के ननाशी और बाडगीचा पाडा क्षेत्रों में भी रात 11:55 बजे हल्के झटके महसूस किए गए। वहीं, पेठ तालुका के शिवशेत गांव के आसपास तड़के 2:44 बजे भूकंप का हल्का कंपन दर्ज किया गया।
3.6 तीव्रता का था भूकंप
प्राथमिक भूकंप रिपोर्ट के अनुसार, 25 जुलाई की रात 11:55 बजे आए भूकंप का केंद्र नासिक वेधशाला से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.6 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई, जिसे हल्की श्रेणी का भूकंप माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तीव्रता के भूकंप में सामान्यतः बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका कम रहती है, हालांकि कंपन स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी भी प्रभावित क्षेत्र से जनहानि या आर्थिक नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और भूकंप या अन्य आपदा संबंधी जानकारी के लिए केवल प्रशासन और आधिकारिक एजेंसियों की सूचनाओं पर ही भरोसा करें।



