मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और वेतन वृद्धि समेत कई मांगें उठाईं। संगठन ने शासन को चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्रदेश में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे हैं। उनका दावा है कि ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ज्ञापन में कोविड काल के दौरान भी NHM कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं देने का उल्लेख किया गया है।
संगठन की दो प्रमुख मांगों में NHM संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक समान कार्य-समान वेतन की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वर्तमान वेतन में तत्काल वृद्धि की जाए। साथ ही जिन पदों पर संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं और जो पद स्वास्थ्य विभाग में सृजित नहीं हैं, उन पदों के सृजन की भी मांग की गई है।
छह सूत्रीय मांग पत्र में NHM संविदा कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा, महंगाई भत्ता, प्रभावी EPF सुविधा, नियोक्ता अंशदान, HRA, सरकारी आवास और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग की गई है। इसके अलावा रिक्त पदों पर गैर-जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने की मांग भी रखी गई है।
संगठन ने सेवाकाल के दौरान किसी संविदा कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र परिजन को योग्यता के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति देने की नीति बनाने की मांग की है। वहीं NHM के तहत आउटसोर्स के माध्यम से तैनात MCTS, IDSP, HMIS डाटा ऑपरेटर और कोविड-19 कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में NHM संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटों का कोटा निर्धारित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
कर्मचारियों ने कहा कि ज्ञापन सौंपने के बाद वे 3 अक्टूबर तक शासन की सकारात्मक कार्रवाई का इंतजार करेंगे। यदि मांगों पर कोई निर्णय नहीं होता है तो 5, 6 और 7 अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार/कार्यविराम का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि इसके बाद भी मांगों पर समाधान या राज्य प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक वार्ता नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से प्रदेश के NHM संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे। इस आंदोलन से स्वास्थ्य सेवाओं पर संभावित असर को लेकर प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना होगा।
