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दशमी तिथि में बन रहे शुभ संयोग, पुष्य नक्षत्र और अभिजीत मुहूर्त; जानें राहुकाल समेत पूरा समय

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उज्जैन। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत से पहले तिथि, वार, नक्षत्र और शुभ-अशुभ मुहूर्त का विचार किया जाता है। सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 का दिन भी धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। इस दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। साथ ही पुष्य नक्षत्र, वज्र योग और तैतिल करण का संयोग बनेगा।

दशमी तिथि के बाद शुरू होगी एकादशी

पंचांग के अनुसार, 5 अक्टूबर को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। यह तिथि अगले दिन यानी 6 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 2 मिनट तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि का आरंभ होगा। सोमवार होने के कारण दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।

पुष्य नक्षत्र का रहेगा प्रभाव

5 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र रात 11 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन वज्र योग रात 11 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। वहीं तैतिल करण शाम 4 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।

चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य कन्या राशि में विराजमान होंगे।

अभिजीत मुहूर्त में शुभ कार्य का समय

सोमवार को शुभ कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल समय माना जाता है। हालांकि किसी विशेष मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और संबंधित कार्य के निर्धारित मुहूर्त का विचार करना उचित माना जाता है।

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राहुकाल में शुभ कार्यों से बचने की मान्यता

5 अक्टूबर को राहुकाल सुबह 7 बजकर 39 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से 2 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। यमघण्ट काल सुबह 10 बजकर 33 मिनट से दोपहर 12 बजे तक रहेगा।

परंपरागत ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्ट काल में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। सोमवार को दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

पंचांग के अनुसार 5 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट पर होगा। चंद्रमा का उदय 6 अक्टूबर की रात 12 बजकर 28 मिनट पर होगा और चंद्रास्त 6 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर माना गया है।

इस दिन चंद्रमा का निवास उत्तर दिशा में माना गया है।

5 अक्टूबर 2026 के प्रमुख पंचांग विवरण

तिथि: आश्विन कृष्ण पक्ष दशमी
वार: सोमवार
दशमी तिथि समाप्त: 6 अक्टूबर सुबह 4:02 बजे
नक्षत्र: पुष्य, रात 11:46 बजे तक
इसके बाद: आश्लेषा नक्षत्र
योग: वज्र, रात 11:58 बजे तक
करण: तैतिल, शाम 4:42 बजे तक
चंद्रमा: कर्क राशि
सूर्य: कन्या राशि
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक
राहुकाल: सुबह 7:39 बजे से 9:06 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 1:32 बजे से 2:59 बजे तक
यमघण्ट काल: सुबह 10:33 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
दिशाशूल: पूर्व दिशा
सूर्योदय: सुबह 6:16 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:52 बजे
चंद्रोदय: 6 अक्टूबर रात 12:28 बजे
चंद्रास्त: 6 अक्टूबर दोपहर 2:04 बजे

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