नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर इंडी गठबंधन की बैठक में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में 13 हजार से अधिक मतदाताओं के एपिक नंबर से जुड़े विवरण में बदलाव किए जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच की मांग की, जबकि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि पार्टी निर्वाचन आयोग के सामने इस मामले से जुड़े तथ्य रख चुकी है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए जिला स्तर पर मतदाता सूचियों का सत्यापन कराने की बात भी कही।
इमरान मसूद बोले—दस्तावेजी सबूत पेश कर रहे हैं
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी केवल आरोप नहीं लगा रही, बल्कि दस्तावेजी सबूत पेश कर रही है। उनके मुताबिक, पीलीभीत में 13 हजार से अधिक मतदाताओं के एपिक नंबर से जुड़े टेलीफोन नंबरों में बदलाव किए जाने का मामला सामने आया है।
मसूद ने कहा कि शुरुआत में एक व्यक्ति अपना वोट जांच रहा था। इसी दौरान उसे अपने एपिक नंबर से जुड़े विवरण में कथित गड़बड़ी का पता चला। इसके बाद कांग्रेस की टीम सतर्क हुई और चार-पांच दिनों तक मामले की जांच की गई। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के विवरण में बदलाव सामने आए।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं के विवरण में बदलाव को सामान्य गलती मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की कि कथित बदलाव किसके निर्देश पर किए गए।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
इमरान मसूद ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर मामला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के माध्यम से लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
हालांकि, पीलीभीत में मतदाताओं के विवरण में बदलाव को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती है।
आराधना मिश्रा ने कहा—निर्वाचन आयोग के सामने रखे तथ्य
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि पीलीभीत में एसआईआर की अंतिम सूची जारी होने के बाद 13 हजार से अधिक मतदाताओं के विवरण में कथित बदलाव का मामला सामने आया। उनके अनुसार, संबंधित एपिक नंबर समान होने के बावजूद ऑनलाइन रिकॉर्ड में मतदाताओं के नाम और पिता के नाम बदले हुए दिखाई देने की शिकायत मिली थी।
आराधना मिश्रा ने बताया कि कांग्रेस संगठन और पार्टी की टीम ने कई मामलों का सत्यापन किया और तथ्यों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
विधानसभा चुनाव से पहले जिलों में सत्यापन की तैयारी
आराधना मिश्रा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस अपने संगठन के माध्यम से प्रत्येक जिले में मतदाता सूचियों का सत्यापन कराने का प्रयास करेगी। इसका उद्देश्य मतदाताओं को सहायता उपलब्ध कराना और रिकॉर्ड में किसी भी संभावित गड़बड़ी की पहचान करना है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि पीलीभीत में सामने आए कथित मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि मतदाता सूची से जुड़े विवरणों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

