संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस के खिलाफ योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लागू कर दिया है। सरकार का यह कदम हिंसा मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने से ठीक पहले उठाया गया है, जिसे पूरे प्रकरण में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद वारिस संभल हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह वर्ष 2012 से दुबई में छिपे शारिक साठा का करीबी सहयोगी है। आरोप है कि हिंसा के दौरान वारिस ने अवैध हथियार उपलब्ध कराए और फायरिंग में भी शामिल रहा। इस हिंसा में दो लोगों की मौत हुई थी।
पहले भी दो आरोपियों पर लग चुका है एनएसए
इस मामले में मोहम्मद वारिस से पहले मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया जा चुका है। अब वारिस पर एनएसए लगाए जाने के बाद हिंसा प्रकरण में सरकार की कार्रवाई और तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, हिंसा मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक होने वाली है। उससे पहले मुख्य आरोपी पर एनएसए लगाने को कानून-व्यवस्था के प्रति सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई थी हिंसा
24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान संभल में हिंसा भड़क गई थी। पुलिस जांच में दावा किया गया है कि हिंसा पूर्व नियोजित थी और आरोपियों को पहले से अवैध हथियार उपलब्ध कराए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, दुबई में छिपे शारिक साठा के इशारे पर मोहम्मद वारिस, मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम ने हिंसा की साजिश रची थी। इस मामले में पुलिस ने 25 जनवरी 2025 को मोहम्मद वारिस को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मुल्ला अफरोज समेत 10 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया, जबकि मोहम्मद गुलाम को 20 फरवरी 2025 को संभल बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया था।
शारिक साठा से जुड़े होने का दावा
पुलिस का कहना है कि मुल्ला अफरोज प्रॉपर्टी डीलिंग के साथ-साथ शारिक साठा के नेटवर्क के लिए भी काम करता था। जांच में यह भी दावा किया गया है कि वह दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी वाहन चोरी कराकर नेपाल, पश्चिम बंगाल और असम में बेचने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ था।
138 गिरफ्तार, चार्जशीट में कई नामजद
संभल हिंसा मामले में अब तक 12 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और पुलिस 138 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने छह प्रमुख मुकदमों में 4,025 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है।
चार्जशीट में समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क, जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जफर अली, मुल्ला अफरोज और मोहम्मद वारिस समेत कई अन्य लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



