Home » धर्म-कर्म » जन्माष्टमी 2025: श्रेया घोषाल का ‘ओ कान्हा रे’ गीत राधा-कृष्ण की भक्ति में रंगा

जन्माष्टमी 2025: श्रेया घोषाल का ‘ओ कान्हा रे’ गीत राधा-कृष्ण की भक्ति में रंगा

O Kanha Re, Shreya Ghoshal
Facebook
Twitter
WhatsApp

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025 (15-16 अगस्त) से पहले मशहूर गायिका श्रेया घोषाल ने अपना नया भक्ति गीत ‘ओ कान्हा रे’ रिलीज कर प्रशंसकों को एक खास तोहफा दिया है। यह गीत राधा और कृष्ण के पवित्र प्रेम और भक्ति को समर्पित है।


 

श्रेया की मधुर आवाज में यह गीत भक्ति, प्रेम, और कान्हा की शरारत का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। सावेरी वर्मा द्वारा लिखे गए बोल और श्रेयस पौराणिक के संगीत ने इसे और भी खास बना दिया है। यह गीत जन्माष्टमी के उत्सव को और भी आध्यात्मिक और भावपूर्ण बनाने का वादा करता है।

 

 ‘ओ कान्हा रे’ की विशेषताएं 

‘ओ कान्हा रे’ एक गोपी के प्रेम, विरह, और भक्ति की भावनाओं को बयां करता है। गीत में राधा-कृष्ण के बीच की शरारत और गहरा प्रेम लोक परंपराओं के साथ खूबसूरती से बुना गया है। इसमें आधुनिक संगीत का हल्का स्पर्श भी है, जो इसे युवा और पारंपरिक श्रोताओं दोनों के लिए आकर्षक बनाता है।

श्रेया की भावपूर्ण आवाज गोपी की शिकायतों और कृष्ण के प्रति समर्पण को जीवंत करती है। गीत का ऑडियो सभी प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है, और इसका म्यूजिक वीडियो 12 अगस्त को देर रात रिलीज होगा।

 

श्रेया घोषाल की प्रेरणा 

श्रेया ने बताया कि

‘ओ कान्हा रे’ उनके लिए एक व्यक्तिगत और आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “जन्माष्टमी के लिए मैं राधा-कृष्ण को कुछ समर्पित करना चाहती थी। यह गीत मेरी संगीतमय पुष्पांजलि है। कृष्ण मेरे लिए प्रेम और भक्ति का प्रतीक हैं। उनकी कहानियां मेरे दिल को सुकून देती हैं।”

एक मां के रूप में, वह अपने बच्चे के साथ कृष्ण की लीलाओं को साझा करती हैं, जो इस गीत में उनकी भावनाओं को और गहराई देता है। यह गीत उनकी संगीतमय यात्रा का एक विशेष पड़ाव है।

 

जन्माष्टमी का महत्व और गीत की प्रासंगिकता 

जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है, जो दुनिया भर में भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है। ‘ओ कान्हा रे’ इस पर्व के लिए एक आदर्श भक्ति भजन है, जो राधा-कृष्ण के अनंत प्रेम को दर्शाता है।

यह गीत न केवल भक्ति रस में डूबने का अवसर देता है, बल्कि संगीत और नृत्य के माध्यम से उत्सव की भावना को बढ़ाता है। श्रेया ने प्रशंसकों से आग्रह किया कि वे इस जन्माष्टमी को संगीत, प्रेम, और भक्ति के साथ मनाएं।

 

Read more…:मोटापा कम करने के लिए योग: सूर्य नमस्कार से नौकासन तक, जानें प्रभावी आसन

 

सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव 

‘ओ कान्हा रे’ जैसे भक्ति गीत भारतीय संस्कृति में संगीत और आध्यात्मिकता के गहरे रिश्ते को उजागर करते हैं। हाल के वर्षों में, ‘कृष्ण भजन’ और ‘राधा-कृष्ण गीत’ जैसे कीवर्ड्स डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड कर रहे हैं।

श्रेया घोषाल का यह गीत जन्माष्टमी के उत्सव को और भी खास बनाएगा, क्योंकि यह पारंपरिक भक्ति को आधुनिक संगीत के साथ जोड़ता है। यह गीत न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर कृष्ण भक्तों को आकर्षित करेगा।

 

Read more…: सावन पूर्णिमा 2025: रक्षा बंधन और व्रत का शुभ संयोग, जानें मुहूर्त और पूजा विधि

 

एक संगीतमय भेंट

श्रेया घोषाल का ‘ओ कान्हा रे’ जन्माष्टमी 2025 से पहले एक संगीतमय भेंट है, जो राधा-कृष्ण के प्रेम और भक्ति को जीवंत करता है। उनकी मधुर आवाज, सावेरी वर्मा के बोल, और श्रेयस पौराणिक का संगीत इस गीत को अविस्मरणीय बनाता है।

यह गीत भक्तों को जन्माष्टमी के उत्सव में डूबने और कृष्ण की लीलाओं को संगीत के साथ मनाने का अवसर देता है। सभी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध यह गीत जन्माष्टमी की रौनक को और बढ़ाएगा।

thexindia
Author: thexindia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *