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‘असेंबली से AI तक’ यूपी की नई उड़ान! सीएम योगी बोले- परिवारवाद और माफियाकरण ने रोकी प्रदेश की क्षमता, अब टेक्नोलॉजी-निवेश पर जोर

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में तकनीक, निवेश, स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक परिवारवाद और माफियाकरण के कारण उत्तर प्रदेश की असीम संभावनाओं का पूरी तरह उपयोग नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़कर जमीन पर उतारने का काम किया है।

‘आज 60 फीसदी मोबाइल उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेश में तकनीकी क्षेत्र के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज देश में करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है।

उन्होंने बताया कि जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से एचसीएल-फॉक्सकॉन की चिप इकाई स्थापित हो रही है। इसके अलावा प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर के प्रस्ताव आ चुके हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और आठ यूनिकॉर्न उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम की तस्वीर पेश करते हैं।

‘मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक’

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तकनीकी यात्रा अब मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप तक पहुंच रही है। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन परियोजनाओं को जमीन पर उतारना चुनौती बना रहता था।

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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौर में परिवारवाद को विकास के मॉडल के रूप में बढ़ावा मिला और माफियाकरण ने औद्योगिकीकरण की संभावनाओं को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश से अधिक परिवार और निवेशक से अधिक अपराधियों की चिंता हो, तो भविष्य की तकनीक के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना मुश्किल होता है।

‘परिवार के बजाय प्रदेश का विकास प्राथमिकता’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने विकास की प्राथमिकताओं में बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि परिवार के विकास के स्थान पर प्रदेश का विकास, माफिया के संरक्षण के स्थान पर निवेशक का संरक्षण और तुष्टीकरण के स्थान पर टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विस्तार के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी है। डेटा के बढ़ते उपयोग के बीच उत्तर प्रदेश अब डेटा सेंटर से आगे बढ़कर एआई सिटी की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है।

10 लाख युवाओं को एआई से जोड़ने का लक्ष्य

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक आधार तैयार कर रहा है। एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। तकनीकी कौशल, स्टार्टअप और निवेश के विस्तार से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

‘कभी तकनीक का बाजार था, अब निर्माता बन रहा यूपी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश तकनीक का बड़ा बाजार था, लेकिन अब प्रदेश तकनीक का निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ‘असेंबली से एआई तक’ की यात्रा को केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार, उद्यम और समृद्धि से जोड़कर बताया।

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उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में तकनीक और निवेश के विस्तार के साथ नई औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराना और उन्हें रोजगार तथा उद्यम के नए अवसरों से जोड़ना है।

एचसीएल टेक के लखनऊ में दस साल पूरे

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होंगे। इस दौरान एचसीएल-जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ भी किया जाएगा।

एचसीएल टेक का लखनऊ में एक दशक पूरा होना प्रदेश के आईटी और तकनीकी क्षेत्र में निवेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयासों से प्रदेश में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प के साथ तकनीक, निवेश, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार ही नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक गतिविधियों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्टार्टअप जैसे भविष्य के क्षेत्रों में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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