नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के सरगना और भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात से भारत वापस लाने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है।
गृहमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बड़ी सफलता हासिल की है। उनके मुताबिक, बसोया को यूएई से भारत लाया गया है और अब भारतीय कानून के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
‘ड्रग तस्कर कहीं भी छिपें, कानून की पकड़ से नहीं बच सकते’
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों पर लगातार नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि एजेंसियां नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से वापस लाना ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गृहमंत्री ने यह भी कहा कि ड्रग तस्कर दुनिया के किसी भी हिस्से में छिप जाएं, भारतीय कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।
5600 करोड़ के ड्रग्स रैकेट में सामने आया था बसोया का नाम
वीरेंद्र सिंह बसोया का नाम दिल्ली में सामने आए 5600 करोड़ रुपये के ड्रग्स रैकेट की जांच के दौरान प्रमुखता से सामने आया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर 2025 में उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, बसोया विदेश में रहकर ड्रग्स का कारोबार संचालित कर रहा था। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए भारतीय एजेंसियां लगातार प्रयास कर रही थीं।
महिपालपुर में पकड़ी गई थी करोड़ों की ड्रग्स की खेप
दिल्ली पुलिस ने महिपालपुर इलाके में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 562 किलोग्राम कोकीन और 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना की खेप बरामद की थी।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि कोकीन की यह खेप वीरेंद्र सिंह बसोया ने भेजी थी। मामले में तुषार गोयल नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। उसे बसोया का करीबी बताया गया।
बरामद ड्रग्स की बड़ी मात्रा ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया था और इसके बाद जांच एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े नेटवर्क की पड़ताल तेज कर दी थी।
पुणे में 3000 करोड़ की ड्रग्स बरामदगी से भी जुड़ा नाम
वीरेंद्र सिंह बसोया का नाम इससे पहले भी बड़े ड्रग्स मामलों में सामने आ चुका है। पुणे पुलिस ने वर्ष 2023 में करीब 3000 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की थी। इस मामले की जांच के दौरान भी बसोया का नाम सामने आया था।
जांच एजेंसियां उसके कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और भारत में ड्रग्स की आपूर्ति से जुड़े कनेक्शन की पड़ताल करती रही हैं।
13 हजार करोड़ के ड्रग्स मामले में बेटे का नाम भी आया
वर्ष 2024 में दिल्ली में सामने आए करीब 13 हजार करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले की जांच में भी वीरेंद्र बसोया का नाम सामने आया था। इस मामले में उसके बेटे ऋषभ बसोया के खिलाफ नवंबर 2025 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।
पुलिस के मुताबिक ऋषभ दिल्ली के पिलनजी गांव का रहने वाला है। जांच में यह दावा किया गया कि विदेश में मौजूद वीरेंद्र बसोया ने ही ड्रग्स की खेप भारत भेजी थी।
पंजाब में एसयूवी से मिली ड्रग्स, जांच में सामने आया कनेक्शन
पुलिस ने पंजाब के अजनाला से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसकी एसयूवी से भी ड्रग्स बरामद होने का दावा किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि यह एसयूवी वीरेंद्र बसोया के बेटे ऋषभ की थी।
पुलिस के अनुसार ऋषभ ने यह गाड़ी जस्सी नाम के व्यक्ति को दी थी। मामले की जांच आगे बढ़ने के बाद ऋषभ के विदेश चले जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद उसके खिलाफ भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की गई।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
वीरेंद्र सिंह बसोया को यूएई से भारत लाए जाने के बाद ड्रग तस्करी के खिलाफ भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े ड्रग्स मामलों में सामने आए उसके कथित कनेक्शन की जांच अब आगे बढ़ेगी।
केंद्र सरकार लगातार यह संदेश देती रही है कि विदेशों में शरण लेकर भारत में नशीले पदार्थों का नेटवर्क संचालित करने वाले आरोपियों के खिलाफ भी एजेंसियां कार्रवाई करेंगी। बसोया की वापसी को इसी अभियान की एक अहम कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।



