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बागपत के नेरपुड़ा में किसान के घर से नाबालिग बालक बाल श्रम से मुक्त, एएचटी टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान

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ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सहयोग से हुई कार्रवाई, सचिव मेहर चंद ने बाल श्रम की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता पर दिया जोर

बागपत। जनपद बागपत में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना एएचटी बागपत और संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र की टीम ने दोघट क्षेत्र के ग्राम नेरपुड़ा में एक किसान के घर से नाबालिग बालक को बाल श्रम से मुक्त कराया। यह कार्रवाई बालक से कृषि संबंधी कार्य कराए जाने की शिकायत मिलने के बाद की गई। रेस्क्यू अभियान के माध्यम से बालक को बाल श्रम से मुक्त कराते हुए बच्चों के अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया गया।

शिकायत मिलने पर की गई कार्रवाई

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित टीम को शिकायत मिली थी कि ग्राम नेरपुड़ा में एक किसान के घर पर नाबालिग बालक से कृषि संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए थाना एएचटी बागपत और ग्रामीण समाज विकास केंद्र की टीम ने मामले में कार्रवाई की। अभियान के दौरान बालक को बाल श्रम से मुक्त कराया गया।

बाल श्रम बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के अधिकारों को प्रभावित करता है। बच्चों से काम कराने के बजाय उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और सुरक्षित वातावरण में अपना बचपन बिताने का अवसर दिया जाना आवश्यक है।

बाल श्रम की रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी: मेहर चंद

ग्रामीण समाज विकास केंद्र के सचिव मेहर चंद ने बताया, बाल श्रम की रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक और जिम्मेदार बनने की जरूरत है। बच्चों से मजदूरी कराने के बजाय उन्हें शिक्षा प्राप्त करने और अपना भविष्य संवारने का अवसर दिया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि बाल श्रम की जानकारी मिलने पर संबंधित विभागों और संस्थाओं को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए। आमजन भी अपने आसपास होने वाले बाल श्रम के मामलों की सूचना संबंधित विभाग को देकर बच्चों को इस शोषण से बचाने में सहयोग कर सकते हैं।

बच्चों के अधिकारों की रक्षा पर जोर

बाल श्रम के खिलाफ अभियान का उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना और उन्हें शिक्षा तथा सुरक्षित भविष्य की ओर आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे मामलों में प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आमजन की सहभागिता महत्वपूर्ण मानी जाती है।

ग्रामीण समाज विकास केंद्र बाल श्रम की रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रयासों में जुटा है। संस्था की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि यदि कहीं किसी नाबालिग से बाल श्रम कराए जाने की जानकारी मिले, तो संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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