मुज़फ़्फ़रनगर। कलेक्ट्रेट परिसर में पूर्व में धरना-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 23 सूत्रीय सुझाव पत्र भेजने वाले किसान सेवक विनीत त्यागी ने प्रतिनिधि मंडल के साथ सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पूर्व में स्थानीय स्तर पर उठाई गई किसानों की कई मांगों का समाधान हो चुका है। इसी सिलसिले में सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया था।
किसान चिंतक विनीत त्यागी ने मुलाकात के बाद कहा कि किसानों की समस्याओं पर केवल चर्चा करने के बजाय उनके समाधान के लिए धरातल पर काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल अब पककर तैयार हो चुकी है और करीब 10 से 15 दिन में किसान इसकी कटाई शुरू कर देंगे। ऐसे में सरकार को समय रहते गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित करना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक निर्धारित करने की मांग की। विनीत त्यागी के मुताबिक, वर्तमान परिस्थितियों में किसान की गन्ना उत्पादन लागत करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक बैठ रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि चीनी मिलें इतना मूल्य देने की स्थिति में नहीं हैं तो सरकार 500 से 550 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य निर्धारित कर शेष राशि की भरपाई बोनस के जरिए कर सकती है।
विनीत त्यागी ने कहा कि किसानों की बात करने वाले और किसानों की राजनीति करने वाले लोगों की कमी नहीं है, लेकिन खेत में मेहनत करने वाले किसान की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उनके अनुसार, किसान की आय और लागत के बीच संतुलन नहीं होगा तो कृषि व्यवस्था पर इसका असर पड़ेगा।
उन्होंने एथेनॉल उत्पादन और चीनी निर्यात से जुड़ी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नीतियों से चीनी उद्योग को मजबूती मिली है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जिन नीतियों के जरिए देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने का प्रयास किया गया, उनमें बदलाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग मजबूत होगा तो उसका लाभ किसानों तक भी पहुंचना चाहिए।
विनीत त्यागी ने कहा कि किसान की आय बढ़ने का असर केवल गांव तक सीमित नहीं रहता। किसान के पास पैसा आने से बाजार में खरीदारी बढ़ती है और इसका फायदा व्यापारियों के साथ-साथ शहरों की अर्थव्यवस्था को भी मिलता है। इसलिए सरकार को किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए गन्ने के लाभकारी मूल्य पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
उन्होंने सरकार से मांग की कि आगामी गन्ना सीजन को देखते हुए लाभकारी मूल्य और बोनस व्यवस्था को लेकर जल्द स्पष्ट निर्णय किया जाए, ताकि किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिल सके।

