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मुज़फ़्फ़रनगर में रात के अंधेरे में होगी भाकियू टिकैत की पंचायत: 11 बजे तक किसानों के मुद्दों पर मंथन; फिर होगा कल्चरल प्रोग्राम

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मुज़फ़्फ़रनगर। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) इस बार अपनी पंचायत का रंग और अंदाज बदलने जा रही है। संगठन की ओर से इस बार दिन में पंचायत करने के बजाय रात में पंचायत आयोजित करने का फैसला किया गया है। भाकियू प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ने 17 सितंबर की रात राजकीय मैदान में पंचायत करने की घोषणा की है।

शनिवार को मीडिया से बात करते हुए राकेश टिकैत ने बताया कि पंचायत में बड़ी संख्या में किसान जुटेंगे और खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा की जाएगी। पंचायत में किसानों की प्रमुख मांगों और मौजूदा समस्याओं को लेकर आगे की रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा।

राकेश टिकैत ने बताया कि इस बार पंचायत का समय रात में रखा गया है। रात करीब 11 बजे तक किसानों के मुद्दों पर पंचायत चलेगी। इसके बाद कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पंचायत के बाद होने वाले कल्चरल प्रोग्राम में अलग-अलग प्रदेशों से कलाकारों को बुलाया गया है। कार्यक्रम में रागिनी और आल्हा गायन के साथ पंजाबी सिंगर भी प्रस्तुति देंगे। किसान नेताओं के मुताबिक इस आयोजन में किसानों की पंचायत के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी समावेश किया गया है।

राकेश टिकैत ने बताया कि पंचायत में किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें MSP को कानूनी गारंटी देने, गन्ने के रेट और आलू की खेती से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन मुद्दों को लेकर किसानों के बीच लगातार चर्चा होती रही है और अब पंचायत में इन्हें प्रमुखता से उठाने की तैयारी है।

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भाकियू टिकैत का यह आयोजन ऐसे समय प्रस्तावित है, जब खेती की लागत, फसलों के दाम और किसानों की आय को लेकर अलग-अलग स्तर पर चर्चाएं चलती रहती हैं। संगठन का कहना है कि पंचायत के जरिए किसानों की समस्याओं को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इस बार रात की पंचायत और उसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम भाकियू टिकैत के आयोजन को सामान्य किसान पंचायतों से अलग बना रहे हैं। अब 17 सितंबर की रात राजकीय मैदान में होने वाली इस पंचायत में किसानों की कितनी बड़ी भागीदारी रहती है और किन मुद्दों पर आगे की रणनीति बनती है, इस पर नजर रहेगी।

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