मुज़फ़्फ़रनगर। नगर की श्रद्धालु महिलाओं की ओर से पहली बार अनूठे अंदाज में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। श्यामा श्याम जू की सखियों की ओर से आयोजित यह कथा 16 से 23 सितंबर तक आशीर्वाद बैंकट हॉल में होगी। कथा व्यास हिमेश शास्त्री जी महाराज कथा का वाचन करेंगे।

आयोजन की जानकारी शनिवार दोपहर करीब 2 बजे श्री गणेश धाम मंदिर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। आयोजकों ने बताया कि कथा के पहले दिन 16 सितंबर को सुबह 8:30 बजे मंगल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शिव दुर्गा मंदिर, लक्ष्मण विहार से शुरू होकर कथा स्थल आशीर्वाद बैंकट हॉल पहुंचेगी।
कथा प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से शुरू होगी। पहले दिन श्रीमद्भागवत महात्म्य, राजा परीक्षित को श्राप और शुकदेव जी के आगमन की कथा होगी। इसी दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का विशेष आयोजन भी किया जाएगा।
17 सितंबर को श्री शुक-परीक्षित चरित्र, मनु-कर्दम चरित्र, वराह अवतार और कपिलोपदेश का वर्णन होगा। 18 सितंबर को सती चरित्र, ध्रुवाख्यान, जड़ भरत चरित्र, अजामिलोद्धार और नृसिंह अवतार की कथा होगी।
19 सितंबर को गजेंद्र मोक्ष और वामन अवतार के साथ श्रीराम चरित्र, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव का आयोजन होगा। इसके अगले दिन 20 सितंबर को श्रीकृष्ण बाललीला, गोवर्धन लीला, छप्पन भोग और अन्नकूट महोत्सव होगा।
21 सितंबर को रासलीला और श्रीकृष्ण-रुक्मणी मंगल विवाह का आयोजन होगा। वहीं 22 सितंबर को सुदामा चरित्र, भागवत धर्म, उद्धवोपदेश और श्रीमद्भागवत कथा सार के साथ कथा का समापन होगा।
आयोजन के अंतिम दिन 23 सितंबर को हवन, प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे।
कथा व्यास हिमेश शास्त्री जी महाराज श्रीमद्भागवत कथा और श्रीराम कथा के वाचन के लिए जाने जाते हैं। आयोजकों के अनुसार उनके प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान, भक्ति और जीवन में नैतिक मूल्यों का संदेश दिया जाता है। उनकी कथाओं का प्रसारण साधना टीवी सहित विभिन्न माध्यमों पर भी किया जाता रहा है।
महिलाओं की ओर से आयोजित इस कथा को लेकर आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। आयोजन की शुरुआत मंगल कलश यात्रा के साथ होगी और आठ दिवसीय कथा के दौरान अलग-अलग प्रसंगों के माध्यम से भगवान कृष्ण और अन्य धार्मिक चरित्रों की कथाओं का वाचन किया जाएगा।

