Home » उत्तर प्रदेश » ग्रेटर नोएडा में 25 सितंबर से सजेगा कारोबार का महामंच, 72 देशों के 600 खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद

ग्रेटर नोएडा में 25 सितंबर से सजेगा कारोबार का महामंच, 72 देशों के 600 खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद

Facebook
Twitter
WhatsApp

नोएडा। उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, निर्माण और निर्यात के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित होने वाले चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो यानी यूपीआईटीएस 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, आवास, स्वच्छता और डिजिटल कनेक्टिविटी समेत तमाम व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट पहुंचकर यूपीआईटीएस 2026 की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयोजन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाए और देश विदेश से आने वाले खरीदारों, निवेशकों, उद्यमियों तथा प्रतिनिधियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

छह देशों की भागीदारी से बढ़ेगा अंतरराष्ट्रीय कारोबार का दायरा

यूपीआईटीएस 2026 में इस बार जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस भागीदार देशों के रूप में शामिल होंगे। इन देशों के प्रतिनिधिमंडल व्यापार मेले में प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय कारोबारी सत्र और बीटूबी बैठकों में हिस्सा लेंगे।

फियो और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के समन्वय से करीब 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के मेले में पहुंचने की संभावना है। इससे उत्तर प्रदेश के उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने और राज्य के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय कारोबार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

विदेशी मेहमानों के लिए विशेष इंतजाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए पर्याप्त एवं बेहतर आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भागीदार देशों के उच्चायुक्तों के लिए लायजन ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे, ताकि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को आयोजन के दौरान किसी तरह की प्रशासनिक या समन्वय संबंधी परेशानी न हो।

ALSO READ THIS :  मुजफ्फरनगर पेपर मिलों में RDF पर छिड़ी जंग! एसोसिएशन अध्यक्ष पंकज अग्रवाल बोले, ‘इंडस्ट्री सिर्फ 20% जिम्मेदार, वाहनों का 50% प्रदूषण!’

प्रतिनिधियों की सहायता के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को भी तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ जोड़ने और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ अतिरिक्त संवाद सत्र आयोजित करने पर भी जोर दिया।

भीड़ को देखते हुए यातायात और पार्किंग पर खास फोकस

यूपीआईटीएस में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

तीनों प्राधिकरणों को आपसी समन्वय के साथ आयोजन स्थल के आसपास स्वच्छता, कानून व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए कहा गया है। आयोजन स्थल को प्लास्टिक मुक्त रखने के साथ प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन भी लगाए जाएंगे।

सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक अपने स्टॉल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग, पोस्टर और दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे।

इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी को भी किया जाएगा मजबूत

अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में बड़ी संख्या में कारोबारी प्रतिनिधियों और आगंतुकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नेटवर्क कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए अतिरिक्त टावर लगाए जाने और भरोसेमंद इंटरनेट तथा वाईफाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

आयोजन स्थल पर डिजिटल सेवाओं को निर्बाध रखने के लिए कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण प्राथमिकता दी गई है, ताकि कारोबारी बैठकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

ALSO READ THIS :  बिहार चुनाव: भाजपा ने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की, पीएम मोदी समेत 40 दिग्गज करेंगे प्रचार

सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस की रहेगी कड़ी निगरानी

गौतमबुद्धनगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मुख्यमंत्री को यूपीआईटीएस 2026 के लिए तैयार की गई यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। आयोजन स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों की समीक्षा की गई है।

प्रवेश और निकास द्वारों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। फ्रिस्किंग, भीड़ प्रबंधन और लगातार निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। आगंतुकों, प्रदर्शकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों के लिए अलग अलग पार्किंग व्यवस्था तथा मार्ग प्रबंधन पर भी काम किया जा रहा है।

500 से अधिक ईवी शटल बसें संभालेंगी आवाजाही

आयोजन स्थल और पार्किंग क्षेत्रों के बीच लोगों की आवाजाही आसान बनाने के लिए 500 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन शटल बसें संचालित की जाएंगी। इससे आयोजन स्थल के आसपास वाहनों का दबाव कम करने और आगंतुकों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी मेहमानों की सुविधा के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विशेष यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर भी संचालित किया जा रहा है।

मेट्रो, बस और डिजिटल प्लेटफॉर्म से हो रहा प्रचार

यूपीआईटीएस 2026 का प्रचार एनएमआरसी मेट्रो, शहर की बसों, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक मेटा प्लेटफॉर्म पर चलाए जा रहे प्रचार अभियान को अब तक 1.3 करोड़ से अधिक वीडियो व्यूज मिल चुके हैं।

खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री फेलो, उद्यमी मित्र, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के युवा स्वयंसेवकों को भी तैनात किया जा रहा है।

युवाओं और स्थानीय लोगों को जोड़ने की तैयारी

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मुख्यमंत्री को जिले में चलाए जा रहे जमीनी और युवा जनसंपर्क अभियानों की जानकारी दी। आरडब्ल्यूए, औद्योगिक संगठनों, स्कूल कॉलेजों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें की गई हैं।

ALSO READ THIS :  सीएम योगी का सख्त संदेश, भूमि मामलों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई, बोले- शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं

यूपीआईटीएस को केवल व्यापारिक आयोजन तक सीमित रखने के बजाय युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की भी तैयारी है। इसके लिए डिजिटल रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज का आयोजन किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का मंच

यूपीआईटीएस 2026 को उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, एमएसएमई, विनिर्माण और निर्यात क्षमता को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश विदेश के खरीदारों और उद्यमियों की मौजूदगी से कारोबारी संपर्क और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आयोजन में आने वाले प्रत्येक प्रतिनिधि और आगंतुक को बेहतर अनुभव मिले। इसके लिए प्रशासनिक मशीनरी से लेकर पुलिस, प्राधिकरणों, विश्वविद्यालयों और युवा स्वयंसेवकों तक को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 25 सितंबर से शुरू होने वाले इस व्यापार मेले पर देश विदेश के कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ साथ उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की भी नजर रहेगी।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें