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सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी का ऐलान, 2 अक्टूबर से मुंबई से शुरू करेगा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि अगर ज्ञानेश कुमार 26 सितंबर तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी पार्टी 2 अक्टूबर से मुंबई में विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी और इसे देश के अन्य शहरों तक ले जाएगी। यह घोषणा दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर की।

दिपके ने अपने पोस्ट में कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर लोकतंत्र को बचाने का संकल्प लिया जाएगा। इससे पहले गुरुवार को उन्होंने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि निर्धारित समय के भीतर इस्तीफा नहीं देने पर सीजेपी देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी और मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेगी।

सीईसी पर लगाए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में बदलाव से लोगों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है।

दिपके ने कहा था कि लोकतंत्र का अर्थ जनता द्वारा अपने प्रतिनिधियों और सरकार का चुनाव करना है। उन्होंने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए और मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का दावा किया। इन आरोपों को दिपके के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का दावा

सीजेपी संस्थापक ने चुनाव आयोग से संबंधित एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि एसआईआर के तहत देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। रिपोर्टों में भी 13 करोड़ से अधिक नामों के ड्राफ्ट रोल से हटाए जाने की बात सामने आई है, हालांकि इस संख्या और प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस जारी है।

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दिपके ने इस संख्या को असामान्य बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने से चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल खड़े होते हैं। इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।

एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर उठे सवाल

सीजेपी की मांग ऐसे समय सामने आई है जब चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विवाद और राजनीतिक बहस चल रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े कुछ पहलुओं पर आपत्तियां दर्ज की थीं। वहीं चुनाव आयोग ने अपने भीतर मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

2 अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा

दिपके के ताजा ऐलान के मुताबिक, यदि मुख्य चुनाव आयुक्त 26 सितंबर तक इस्तीफा नहीं देते हैं तो सीजेपी 2 अक्टूबर से मुंबई में विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। इसके बाद प्रदर्शन को देश के दूसरे शहरों तक ले जाने की बात कही गई है।

सीजेपी ने इससे पहले भी जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा था कि प्रस्तावित देशव्यापी आंदोलन पहले के प्रदर्शन की तर्ज पर आगे बढ़ाया जाएगा।

सीजेपी की मांग और दिपके के आरोपों के बीच चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जारी आधिकारिक पक्ष को भी ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है। फिलहाल सीजेपी ने अपने आंदोलन को 2 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा की है।

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